नोएडा में IT इंजीनियर की संदिग्ध मौत, कमरे में फंदे से लटका मिला शव; बिहार का था रहने वाला

नोएडा के सेक्टर-51 में एक IT इंजीनियर का शव फंदे से लटका मिला. युवक बिहार का रहने वाला है. घर वालों को सूचना दे दी गई है. घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है. पुलिस इसे संदिग्ध आत्महत्या मानकर जांच कर रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है

नोएडा IT इंजीनियर की संदिग्ध मौत

नोएडा के सेक्टर-51 स्थित होशियारपुर गांव में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक किराए के कमरे में रहने वाले 26 वर्षीय आईटी इंजीनियर का शव फंदे से लटका मिला. मृतक की पहचान बिहार के गया जिले के रहने वाले प्रियदर्शी रंजन के रूप में हुई है. यह घटना शुक्रवार देर रात की बताई जा रही है. पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है.

जानकारी के अनुसार, प्रियदर्शी रंजन नोएडा की एक निजी आईटी कंपनी में इंजीनियर के पद पर कार्यरत था. शुक्रवार देर रात जब उसके दोस्त कमरे पर पहुंचे तो उन्होंने प्रियदर्शी को कमरे के अंदर फंदे से लटका हुआ पाया. दोस्तों द्वारा फंदे से उतारकर युवक को निजी अस्पताल ले जाया गया लेकिन डॉक्टरों ने इलाज के दौरान मृत घोषित कर दिया.

कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला- पुलिस

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कमरे से कोई भी सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है जिसके चलते पुलिस इसे फिलहाल संदिग्ध आत्महत्या मानते हुए जांच कर रही है. सेक्टर-49 थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है. शुरुआती जांच में पुलिस का कहना है कि मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है.

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. मृतक के मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य निजी सामान की जांच की जा रही है. साथ ही यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि युवक किसी मानसिक तनाव नौकरी के दबाव या पारिवारिक परेशानी से जूझ रहा था या नहीं .पुलिस मृतक के दोस्तों से भी पूछताछ कर रही है.

कॉल डिटेल्स और डिजिटल डेटा खंगाल रही पुलिस

इसके अलावा कॉल डिटेल्स और डिजिटल डेटा भी खंगाला जा रहा है. पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी. यदि परिजन किसी तरह की शिकायत दर्ज कराते हैं तो जांच को और व्यापक किया जाएगा. सूत्रों के अनुसार मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है और वे बिहार से नोएडा के लिए रवाना हो चुके हैं.

परिजनों के आने के बाद पुलिस उनसे भी पूछताछ करेगी ताकि यह समझा जा सके कि प्रियदर्शी रंजन किसी तरह के दबाव या परेशानी में तो नहीं था. इस घटना ने एक बार फिर नोएडा जैसे बड़े शहरों में नौकरी के सिलसिले में अकेले रहने वाले युवाओं की मानसिक स्थिति और सामाजिक दबाव पर सवाल खड़े कर दिए हैं.