पहले दिखाया मुनाफा, फिर 3.6 करोड़ हड़पे; नोएडा मेंं लेदर कारोबारी से बड़ा साइबर फ्रॉड

नोएडा में डिजिटल गोल्ड ट्रेडिंग के नाम पर साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है. जहां एक लेदर कारोबारी को महिला ठग न 3.6 करोड़ रुपये का चुना लगाया. महिला ठग ने पांच महीने तक मुनाफा दिखाकर विश्वास जीता, फिर 21 बार में करोड़ों रुपये ऐंठे. फिर ठगों ने संपर्क तोड़ दिया.

प्रतीकात्मक तस्वीर Image Credit:

नोएडा में साइबर ठगों ने डिजिटल गोल्ड ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच देकर एक लेदर कारोबारी से करीब 3.6 करोड़ रुपये की ठगी कर ली. ठगों ने एक महिला के जरिए कारोबारी को करीब पांच महीने तक अपने जाल में फंसाए रखा. शुरुआत में मुनाफा दिखाकर भरोसा जीता गया और बाद में करोड़ों रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए गए.

जब कारोबारी ने अपना पैसा निकालने की कोशिश की तो ठगों ने संपर्क तोड़ दिया. मामले में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. जानकारी के मुताबिक, नोएडा के सेक्टर 150 निवासी रवि, लेदर बैग और पर्स बनाकर निर्यात का कारोबार करते हैं. 31 दिसंबर 2025 को महिला ठग ने उनसे व्हाट्सएप पर संपर्क किया था.

महिला ने शंघाई गोल्ड एक्सचेंज से जुड़ा बताया

लेदर कारोबारी रवि के मुताबिक, उनके व्हाट्सएप पर शेयर ट्रेडिंग से जुड़ा एक संदेश आया था. इसके बाद रिया नाम की एक महिला ने खुद को शंघाई गोल्ड एक्सचेंज से जुड़ा बताते संपर्क किया. महिला ने रवि को एसजीएस नाम के व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ दिया. ग्रुप में कई लोग डिजिटल गोल्ड ट्रेडिंग से भारी मुनाफा होने के स्क्रीनशॉट साझा कर रहे थे.

महिला ने दावा किया कि उन्होंने इसी प्लेटफार्म से करोड़ों रुपए कमाए हैं और रवि को भी निवेश करने के लिए प्रेरित किया. महिला के कहने पर रवि ने ऐप डाउनलोड कर उसमें पंजीकरण कराया. 19 अप्रैल को 44 हजार का पहला निवेश किया. दो दिन बाद ऐप पर 19 हजार का लाभ दिखा और निकासी का पैसा खाते में भी आ गया, जिससे रवि का भरोसा बढ़ गया.

21 बार में कुल 3.6 करोड़ पर कर दिए ट्रांसफर

इसके बाद रवि ने लगातार निवेश करना शुरू कर दिया. 26 मई 2026 तक रवि महिला के बताए गए विभिन्न बैंक खातों में 21 बार में कुल 3.6 करोड़ पर ट्रांसफर कर चुके थे. एप पर उनका पोर्टफोलियो 6 करोड़ पैसे अधिक दिखाएं जाने लगा. लेकिन जब रकम निकालने का प्रयास किया तो महिला ने पहले बहना बनाकर टालती रही, और बाद में संपर्क ही तोड़ दिया.

ठगी का एहसास होने पर रवि ने एनसीआर पोर्टल और साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई. साइबर थाना प्रभारी विजय सिंह राणा ने बताया कि साइबर ठग पहले छोटी रकम पर नकली मुनाफा दिखाकर लोगों को भरोसे में लेते हैं. इसके बाद बड़े निवेश के लिए उकसाकर करोड़ों रुपए ऐंठ लेते हैं. लोगों को मुनाफे का लालच देने वालो पर भरोसा नहीं करना चाहिए.

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