1 घंटे 40 मिनट में जेवर से लखनऊ… दिल्ली-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन को लेकर रेल मंत्री का बड़ा ऐलान

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दिल्ली-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर बड़ा ऐलान किया है. कहा कि इससे जेवर से लखनऊ का सफर मात्र 1 घंटे 40 मिनट का रह जाएगा. यह गेम चेंजर प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के औद्योगिक विकास को गति देगा. रेल मंत्री यहां जेवर में 40 हजार करोड़ के आयात को कम करने के लिए PCB मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का शिलान्यास करने पहुंचे थे.

सांकेतिक तस्वीर

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है. इस प्रोजेक्ट की घोषणा केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में किया था. देश के पहले अहमदाबाद-मु्ंबई बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के बाद इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया जाएगा. इस प्रोजेक्ट में दिल्ली से महज 2.10 घंटे में बुलेट ट्रेन लखनऊ पहुंचेगी. वहीं जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से लखनऊ का सफर महज 1.40 घंटे में पूरा होगा.

शनिवार को एक कार्यक्रम में जेवर पहुंचे केंद्रीय रेलमंत्री अश्वनि वैष्णव ने यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि अब हवाई जहाज की स्पीड से भारत में ट्रेन में चलेगी. जेवर के रास्ते दिल्ली से सिलीगुड़ी के बीच चलने वाली इस ट्रेन से महज 1 घंटे 40 मिनट में जेवर से लखनऊ तक का सफर होगा. उन्होंने उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के विकास के लिए यह गेम चेंजर प्रोजेक्ट होगा. बेहतर ट्रांसपोर्ट कनेक्टविटी से इन राज्यों में औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी.

इंवेस्टर्स की पहली पसंद बना जेवर

रेलमंत्री ने कहा कि यहां हाल ही में जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट शुरू हो चुका है. दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) भी पास से निकल रहा है. वहीं अब दिल्ली-लखनऊ-वाराणसी-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन भी यहीं से निकलने वाली है. इन परिस्थितियों में यह क्षेत्र केवल देश के ही नहीं, बल्कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स के लिए पहली पसंद बन गया है. उन्होंने बताया कि बुलेट ट्रेन परियोजना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने स्वीकृति दे दी है.

पापड़ से पतली बनेगी पीसीबी

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यहां यमुना सिटी के सेक्टर-10 में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर की पहली यूनिट का शिलान्यास करने पहुंचे थे. उन्होंने बताया कि इस यूनिट में पापड़ से भी पतला प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (पीसीबी) बनाया जाएगा. अभी इस तरह का सर्किट बोर्ड आयात किया जाता है. यह आयात करीब 40 हजार करोड़ का है. अब जल्द ही यह सर्किट बोर्ड यहां जेवर में ही बनने लगेगा और आयात की जरूरत नहीं होगी. बल्कि कुछ समय बाद यहां से निर्यात शुरू हो जाएगा.

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