ग्रेटर नोएडा में ड्रग्स का बड़ा खेल उजागर, WhatsApp पर चलता था नशे का नेटवर्क; 2 नाइजीरियन अरेस्ट
ग्रेटर नोएडा में पुलिस ने एक बड़े ड्रग्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने इस मामले में दो नाइजीरियाई नागरिकों को गिरफ्तार किया है. ये WhatsApp के ज़रिए कॉलेजों और सोसायटियों में MDMA की सप्लाई करते थे. छात्रों को निशाना बनाकर ये दिल्ली से ड्रग्स खरीदकर बेचते थे. पुलिस अब इनके पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है ताकि बड़े खुलासे हो सकें.
राष्ट्रीय राजधानी से सटे उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे पुलिस के अभियान में बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने ग्रेटर नोएडा की इकोटेक वन थाना क्षेत्र से दो नाइजीरियाई नागरिकों को अरेस्ट किया है. पुलिस ने इनके पास से बड़े पैमाने पर ड्रग्स की खेप बरामद की है. पकड़े गए दोनों आरोपियों ने वाट्सऐप ग्रुप के जरिए अपने विभिन्न कॉलेजों और सोसायटियों में नेटवर्क फैला रखा था. इन्हें वाट्सऐप पर ही ऑर्डर मिलता था और इसी ग्रुप के जरिए आरोपी ड्रग्स की सप्लाई देते थे.
पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से ग्रेटर नोएडा में रह रहे हैं और ड्रग्स का धंधा कर रहे थे. पुलिस की पकड़ से बचने के लिए इन्होंने सोशल मीडिया ऐप और मैसेजिंग ऐप के जरिए ग्राहकों का ग्रुप बनाया था. पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 39.27 ग्राम क्रिस्टल एमडीएमए, मेथामफेटामाइन श्रेणी की ड्रग्स, एक इलेक्ट्रिक तराजू और दिल्ली नंबर की स्कूटी बरामद की है. बरामद ड्रग्स की कीमत करीब 5 लाख रुपए बताई जा रही है.
नेटवर्क खंगालने में जुटी
पुलिस के मुताबिक आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि ये छात्रों या सोसायटी के लोगों को 5 हजार रुपये प्रति ग्राम के हिसाब से ड्रग्स बेचते थे. अब पुलिस इनके पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है. थाना प्रभारी ईकोटेक 1 अरविंद कुमार के मुताबिक पकड़े गए दोनों नाइजीरियाई नागरिक वर्ष 2018 में छात्र वीजा पर भारत आए थे. यहां आने के बाद से ही इन्होंने ड्रग्स का धंधा शुरू कर दिया था. इनकी पहचान फ्रांसिस करवर्सी करे जोन निवासी नाइजीरिया और अमोस मूसा निवासी नाइजीरिया के रूप में हुई है.
दिल्ली से खरीद और नोएडा में सप्लाई
पुलिस की जांच में पता चला है कि इन्हें ड्रग्स की खेप दिल्ली में बैठे किसी पैडलर के जरिए होती थी. इसके बाद आरोपी नोएडा और ग्रेटर नोएडा के विभिन्न कॉलेजों और सोसायटियों में लाकर बेचते थे. पुलिस के मुताबिक इनके नेटवर्क खंगालने से बड़ा खुलासा होने की उम्मीद है. इसलिए अब पुलिस इस नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुट गई है.