लापरवाही से तकनीकी त्रुटियों तक… नोएडा-ग्रेनो में मतदाता सूची से लाखों नाम गायब! जानें अपना वोट दोबारा कैसे जोड़ें

गौतम बुद्ध नगर में लगभग 4.47 लाख मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची से हटे हैं, जिससे कई लोग परेशान हैं. इनमें कई ऐसे मतदाता हैं जिनका नाम पहले मतदाता सूची में था जिन्होंने फॉर्म भी भरे, इसके बावजूद ड्राफ्ट सूची में नाम गायब मिला. वहीं, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अंतिम सूची नहीं है. आप अपना नाम दोबारा जुड़वा सकते हैं.

नोएडा में 4.47 लाख मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची से हटे

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची ने राजनीतिक गलियारों से लेकर आम जनता तक हलचल मचा दी है. गौतम बुद्ध नगर जिले में करीब 4.47 लाख मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची से कट गए है जिसको लेकर बड़ी संख्या में लोग अपने वोट के अधिकार को लेकर परेशान हैं. कई ऐसे मतदाता हैं जिनका नाम पहले मतदाता सूची में था जिन्होंने फॉर्म भी भरे, इसके बावजूद जब ड्राफ्ट सूची आई तो उनका नाम नदारद मिला.

हालांकि जिला प्रशासन का कहना है कि यह सूची अंतिम नहीं है और अभी दावा-आपत्ति की पूरी प्रक्रिया बाकी है. तीन विधानसभा- नोएडा, दादरी और जेवर में ड्राफ्ट सूची के आंकड़ों को देखा जाए तो 4.47 लाख नाम हटे हैं. इनमें बड़ी संख्या ऐसे मतदाता है जो अभी भी जिले में रह रहे हैं जिनका पता बदला नहीं है और जिन्होंने सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी की थीं. यही वजह है कि इस मामले ने तूल पकड़ लिया है और बीएलओ स्तर की लापरवाही से जोड़कर देख रहे हैं.

जिले के शहरी इलाकों से सबसे ज्यादा शिकायतें

ड्राफ्ट सूची सामने आने के बाद जिले के शहरी इलाकों से सबसे ज्यादा शिकायतें आई हैं. नोएडा के सेक्टर-11, सेक्टर-34, सेक्टर-70, सेक्टर-74 और सेक्टर-75 में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची में नहीं मिले. कई सेक्टरों में एक ही ब्लॉक या सोसाइटी से 50 से 100 तक नाम कटने की शिकायतें सामने आईं. ग्रेटर नोएडा वेस्ट में सुपरटेक इको विलेज-1,गौर सिटी-14 एवेन्यू,केप टाउन, एपेक्स और अन्य हाईराइज सोसाइटियों से लगातार शिकायतें आ रही हैं.

कुछ जगहों पर तो पूरी-पूरी सोसाइटी में लोगों ने सामूहिक रूप से नाम कटने की बात कही है. वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में अलग समस्या है. कई गांवों में बीएलओ के ड्राफ्ट सूची लेकर न पहुंचने की शिकायत है जिससे लोग अब तक अपना नाम चेक ही नहीं कर पाए हैं. मतदाताओं की नाराजगी का सबसे बड़ा कारण यही है कि उन्होंने एसआईआर के दौरान फॉर्म-6 या फॉर्म-8 समय पर भरे थे. इसके बावजूद ड्राफ्ट सूची में नाम नहीं दिख रहा.

मामूली गलती के कारण भी रिकॉर्ड फ्रीज हो गया

जानकारी के मुताबिक, इसके पीछे कई वजहें सामने आ रही हैं. कहीं बीएलओ ने फॉर्म तो ले लिया लेकिन मोबाइल ऐप पर समय से डेटा अपडेट नहीं किया. कहीं दस्तावेज अपलोड में तकनीकी समस्या आई. कुछ मामलों में नाम, उम्र या रिश्ते की जानकारी में मामूली गलती के कारण रिकॉर्ड फ्रीज हो गया. सबसे ज्यादा उन्हें दिक्कतें हुई जिनके नाम पहले दस्तावेज में कुछ और थे लेकिन बाद में उन्होंने अपने नाम चेंज कर लिए.

किन लोगों के नाम दोबारा जुड़ेंगे, अधिकारी ने बताया

एडीएम वित्त एवं उपचुनाव अधिकारी अतुल कुमार ने बताया कि ड्राफ्ट सूची से नाम कटने का मतलब यह नहीं है कि वोट देने का अधिकार खत्म हो गया है. वे सभी मतदाता जिनका नाम पहले सूची में था जो अभी भी उसी पते पर रह रहे हैं और जिनके दस्तावेज सही हैं, दावा-आपत्ति की प्रक्रिया पूरी करने के बाद अंतिम मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे. बीएलओ उनके घर-घर जाकर फिर से फार्म को भरवाएंगे.

उन्होंने बताया कि जिन लोगों ने अभी तक फॉर्म नहीं भरा है. उनके लिए दोबारा से सुनहरा मौका है कि वह फॉर्म नंबर 6 भर कर अपना नाम एसआईआर लिस्ट में जुड़वा सकते हैं. इसे ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरीके से जोड़ा जा सकता है. ऑनलाइन के लिए आपको अपने मोबाइल फोन में माय वोटर हेल्पलाइन एप्लीकेशन डाउनलोड करनी होगी या फिर voter.eci.gov.in पर भी आप अपना SIR का फार्म भर सकते हैं.

लोगों की शिकायतें अलग-अलग, बताई परेशानियां

ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद अलग-अलग इलाकों से मतदाताओं की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं. सेक्टर-70 के रहने वाले कार्तिक यादव का कहना है कि उन्होंने SIR के दौरान बीएलओ के जरिए फॉर्म भरा था. सभी दस्तावेज भी दिए गए थे लेकिन ड्राफ्ट सूची में उनका नाम नहीं है. उनका आरोप है कि बीएलओ ने मोबाइल ऐप पर डेटा अपडेट नहीं किया जिसकी वजह से नाम सूची में नहीं आ पाया.

सेक्टर-74 के विवेक गुप्ता बताते हैं कि उनके इलाके में ड्राफ्ट मतदाता सूची ही नहीं पहुंची. जब ऑनलाइन चेक किया गया तो कई लोगों के नाम गायब मिले. बीएलओ से संपर्क करने पर भी कोई सही जवाब नही मिला. सेक्टर-34 में रहने वाले रिटायर्ड मेजर जनरल रमेश चंद पांडे ने कहा कि उन्होंने 36 साल देश की सेवा की और सभी दस्तावेज समय पर जमा किए. हैरानी की बात यह है कि परिवार के कुछ सदस्यों के नाम काट दिए गए.

ग्रेटर नोएडा वेस्ट पूरी-पूरी सोसाइटी परेशान

ग्रेटर नोएडा वेस्ट की कई हाईराइज सोसाइटियों से सामूहिक शिकायतें सामने आई हैं. सुपरटेक इको विलेज-1 में करीब 120 मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं मिले. इसी तरह गौर सिटी-14 एवेन्यू में 44 मतदाताओं ने नाम कटने की शिकायत दर्ज कराई है. लोगों का कहना है कि उन्होंने फॉर्म-6 और फॉर्म-8 समय पर भरे थे, इसके बावजूद नाम हटा दिए गए. अब यह मुद्दा सिर्फ आम लोगों तक सीमित नहीं रहा बल्कि राजनीतिक बहस भी बन गया है.

राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया लापरवाही या साजिश?

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने कहा कि यह मामला सीधी-सीधी प्रशासनिक लापरवाही का नहीं बल्कि वोट के अधिकार से खिलवाड़ का है. शहरी इलाकों और नई बसावट वाले क्षेत्रों में जानबूझकर नाम काटे गए हैं. वहीं कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बीएलओ की जवाबदेही तय होनी चाहिए और हर सोसाइटी व सेक्टर में कैंप लगने चाहिए थे. भले ही यह प्रक्रिया नियमों के तहत हो लेकिन इसे ज़मीन पर सही तरीके से लागू नहीं किया गया.