ग्रेटर नोएडा की सोसायटी में 15 से 10वीं मंजिल पर गिरी लिफ्ट, 3 जगह से टूटा महिला का पैर
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की इको विलेज-1 सोसाइटी में भयंकर लिफ्ट हादसा हुआ. यहां टावर G5 की लिफ्ट अचानक 15वीं मंजिल से फ्री फॉल होकर सीधे 10वीं मंजिल पर आ गिरी. इस दौरान लिफ्ट में मौजूद महिला का पैर तीन जगहों से टूट गया.
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में एक के बाद एक लिफ्ट हादसे सामने आते जा रहे हैं. आए दिन हाइराइज सोसाइटियो में लिफ्ट अटकने की खबरें आती रहती हैं. अब ग्रेटर नोएडा वेस्ट की सुपरटेक इको विलेज-1 सोसायटी में 16 फरवरी की देर शाम एक बड़ा हादसा हो गया. सोसायटी के टावर G5 की लिफ्ट अचानक 15वीं मंजिल से फ्री फॉल होकर सीधे 10वीं मंजिल पर तेज झटके के साथ आकर रुकी. इससे लिफ्ट के अंदर मौजूद एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई.
लिफ्ट हादसे के बाद सोसायटी में अफरातफरी मच गई. घबराकर लोग टॉवर के बाहर आ गए. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार लिफ्ट का दरवाजा बंद होते ही अचानक झटका लगा और लिफ्ट तेजी से नीचे गिरने लगी कुछ ही सेकंड में वह झटके से 10वीं मंजिल पर आकर रुकी. तेज झटके की वजह से लिफ्ट के अंदर मौजूद महिला अपना संतुलन नहीं बना पाई और वह बुरी तरह से गिर पड़ी.
महिला के पैर में तीन जगह हुआ फैक्चर
इको विलेज-1 में रहने वाले संजय शर्मा ने बताया कि सोसाइटी के एफ 7 टावर में रहने वाली एक महिला देर शाम टावर जी 5 में अपने परिचित से मिलने गई थी. वह लिफ्ट के अंदर घुसी. गेट बंद हुआ वैसे ही लिफ्ट फ्री फॉल हो गई. महिला को काफी चोट आई है. लिफ्ट को मैन्युअली खोला गया. महिला को बाहर निकाल कर आननफानन में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया. फिलहाल, उसकी हालत स्थिर है.
फिलहाल, महिला अब भी अस्पताल में भर्ती है. उसके पैर की हड्डी तीन जगह से फैक्चर हुई है. सोसाइटी के लोगों का कहना है कि अगर लिफ्ट कुछ और मंजिल नीचे गिरती तो हादसा और भी गंभीर हो सकता था. इस घटना ने ऊंची इमारत में रहने वाले लोगों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. हाइराइज सोसाइटियों में लगातार हो रहे लिफ्ट हादसों ने लोगों के मन में एक डर पैदा कर दिया है.
बिल्डर और मेंटेनेंस एजेंसी पर उठे सवाल
.सरकार लिफ्ट एक्ट कानून भी बनाया है. लेकिन इसके बावजूद इस तरह के हादसे अब आम होते जा रहे हैं. सोसाइटियों के निवासियों ने बिल्डर और मेंटेनेंस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहां है कि हर महीने समय पर मेंटेनेंस शुल्क वसूला जाता है लेकिन लिफ्ट की नियमित जांच और रखरखाव मे लापरवाही बरती जाती है. अब सोसाइटी के लोगों ने सभी लिफ्टों का तुरंत तकनीकी ऑडिट कराने की मांग की है. बिल्डर और संबंधित मेंटेनेंस एजेंसी चालकों के खिलाफ कार्रवाई की डिमांड किया है.
