11 से घटकर अब सिर्फ 5 स्टेशन, 7.3 km का नया रूट… ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो प्रोजेक्ट में बड़ा बदलाव

ग्रेटर नोए़डा वेस्ट मेट्रो प्रोजेक्ट में बड़ा बदलाव किया गया है. पहले इस रूट पर करीब 11 स्टेशन प्रस्तावित थे. लेकिन अब इसे छोटा कर दिया गया है. नई योजना के तहत करीब 7.30 किलोमीटर लंबे रूट पर पांच स्टेशन बनाए जाएंगे.

मेट्रो (सांकेतिक तस्वीर) Image Credit:

नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लाखों लोगों के लिए बड़ी खबर सामने आई है. नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने सेक्टर 51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट तक प्रस्तावित मेट्रो रूट में बदलाव करते हुए नई डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. दरअसल पहले जो डीपीआर तैयार की गई थी उसे केंद्र सरकार ने आपत्तियां के साथ वापस लौटा दिया था. इसके बाद अब पूरे प्रोजेक्ट को नई सिरे से डिजाइन किया जा रहा है ताकि इसे जल्द मंजूरी मिल सके.

अब सिर्फ पांच स्टेशन होंगे

पहले इस रूट पर करीब 11 स्टेशन प्रस्तावित थे. लेकिन अब इसे छोटा कर दिया गया है. नई योजना के तहत करीब 7.30 किलोमीटर लंबे रूट पर पांच स्टेशन बनाए जाएंगे. इन स्टेशनों को सेक्टर 61 सेक्टर 70 सेक्टर 122 सेक्टर 123 और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के किसान चौक के आसपास प्रस्तावित किया गया है.अधिकारियों का मानना है कि छोटा और व्यावहारिक रूट बनाने से प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलने में आसानी होगी और लागत भी नियंत्रित रहेगी.

पुरानी योजना क्यों हुई फेल?

पुरानी योजना में सबसे बड़ी दिक्कत ये थी कि एक ही कॉरिडोर पर अलग-अलग परियोजनाओं को समायोजित करने में दिक्कत आ रही थी. इसके अलावा गाजियाबाद से ग्रेटर नोएडा होते हुए जेवर एयरपोर्ट तक नमो भारत की योजना भी सामने आ गई. इससे मेट्रो रूट की उपयोगिता और डिजाइन पर सवाल खड़े हुए. ऐसे में केंद्र सरकार ने पुरानी डीपीआर पर आपत्ति जताते हुए उसे खारिज कर दिया था.

नोएडा में मेट्रो विस्तार के लेकर चल रहे दो प्रोजेक्ट

नोएडा में मेट्रो विस्तार को लेकर दो और बड़े प्रोजेक्ट पर तेजी से काम चल रहा है. पहला सेक्टर 142 से बोटैनिकल गार्डन तक प्रस्तावित है जो करीब 11.56 किलोमीटर लंबा रूट होगा. इस एलिवेटेड कॉरिडोर पर आर्ट स्टेशन बनाए जाएंगे. इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 2254 करोड़ में बताई जा रही है. वहीं, दूसरे प्रोजेक्ट सेक्टर 51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट की नई मेट्रो रूट पर करीब 1000 करोड रुपए खर्च आने का अनुमान है. छोटा रूट होने के कारण परियोजना की लागत कम होगी और इसे जल्द पूरा करने की संभावना भी बढ़ेगी.

अंतिम चरण में सर्वे का काम

अधिकारियों के मुताबिक नई डीपीआर तैयार होने के बाद इसे पहले राज्य सरकार और फिर केंद्र सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. इसके बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी. फिलहाल डिजाइन और सर्वे का काम अंतिम चरण में पहुंच चुका है. ग्रेटर नोएडा वेस्ट में 5 लाख से ज्यादा की आबादी होने के चलते यहां पर दैनिक यात्रियों को काफी सालों से मेट्रो प्रोजेक्ट का इंतजार था. अगर इस पर जल्द ही काम शुरू होगा तो लाखों लोगों को इसका सीधा फायदा मिलेगा.

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