हादसा या साजिश? नोएडा के छात्र हर्षित की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोटें, जांच में आया नया मोड़
नोएडा के एमिटी छात्र हर्षित भट्ट की मौत अब रहस्यमय मोड़ ले चुकी है. प्रारंभिक रूप से डूबने का मामला माने जाने के बावजूद, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हर्षित के शरीर पर चोटों के निशान मिले हैं, जिससे घटना की संदिग्धता बढ़ गई है. परिवार इसे हत्या मान रहा है, जबकि पुलिस जांच जारी है.
नोएडा के सेक्टर 94 स्थित सुपरनोवा के पीछे बने गड्ढे में एमिटी यूनिवर्सिटी के छात्र हर्षित भट्ट की मौत का मामला उलझता जा रहा है. शुरुआत में इसे एक सामान्य डूबने का हादसा माना गया लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद कई ऐसे तथ्य सामने आए जिन्होंने इस घटना को संदिग्ध बना दिया है. एक तरफ पुलिस इसे हादसा बता रही है तो वहीं परिवार हत्या की आशंका जाता रहा है.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार हर्षित की मौत का मुख्य कारण डूबना बताया गया है. उसके पेट और मुंह में मिट्टी जैसी गंदगी पाई गई जो यह संकेत देती है कि वह पानी में डूबा था. हालांकि इस रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि हर्षित के शरीर के कई हिस्से जैसे पीठ, हाथ और पैरों पर चोट के निशान मिले हैं. इन चोटों की गहराई करीब 0.5 सेंटीमीटर बताई गई है.
क्या नशे की हालत में कोई दुर्घटना हुई?
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यही चोट पूरे मामले को संदिग्ध बना रही है और परिवार इनको हत्या से जोड़कर देख रहा है. मामले में एक और अहम पहलू शराब पीने का भी सामने आए हैं. हर्षित के शराब पीने की पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है लेकिन उसका विसरा सुरक्षित रखा गया है ताकि आगे की जांच की जा सके. वही उसके तीनों दोस्तों ने शराब पीने की बात कबूली है.
इससे यह सवाल खड़ा होता है कि क्या नशे की हालत में कोई दुर्घटना हुई या फिर मामला कुछ और ही है. पुलिस के अनुसार हर्षित परीक्षा देने के बाद अपने दोस्तों के साथ सेक्टर 94 इलाके में गया था. वहां गहरे गड्ढे में पानी भरा हुआ था. हर्षित 4 बजे पानी में उतरा और धीरे-धीरे गहराई में जाने के बाद डूबने लगा, दोस्तों ने बचाने की कोशिश की पर सफल नहीं हो पाए.
हर्षित के तीनों दोस्त हिरासत में, जांच जारी
हर्षित के दोस्तों की ओर से करीब 4:06 पर पुलिस को सूचना दी गई. कुछ ही देर में पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंच गया. गोताखोरों की मदद से हर्षित को बाहर निकल गया और उसे अस्पताल ले जाएगा जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया. इस मामले में हर्षित के तीनों दोस्तों को पुलिस ने हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है.
पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में यह मामला हादसा ही लग रहा है. हालांकि शरीर पर मिले चोट के निशाने को लेकर पुलिस यह भी मान रही है कि यह निशान पानी में डूबने के बाद बाहर निकलते समय लगा हो सकते हैं. एडिशनल डीसीपी नोएडा मनीष सिंह का कहना है कि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है.
परिवार का दावा- हर्षित एक अच्छा तैराक था
वहीं मृतक की मां का दावा है कि उनका बेटा एक अच्छा तैराक था और इस तरह डूबना संभव नहीं है. उन्होंने यह भी कहा है कि उनके बेटे के साथ जो दोस्त थे उन्हीं पर उन्हें शक है और उन्होंने पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग की है. अब हर्षित भट्ट की मौत एक बड़ा सवाल बन चुकी है कि क्या पानी में उसका डूबना हादसा था या साजिश?
