नोएडा: पांच मंजिला इमारत में लगी भीषण आग, दो लोगों की मौत, 100 से अधिक लोग बचाए गए

नोएडा के ममूरा गांव के एक मकान में बुधवार की दोपहर आग लग गई. इस घटना में दो लोगों की मौत हो गई है. बताया जा रहा है कि इलेक्ट्रिक बाइक में स्पार्किंग की वजह से आग लगी. इस घटना से मकान के अंदर फंसे 100 से अधिक लोगों को रेस्क्यू किया गया है.

नोएडा में आग से दहशत

राष्ट्रीय राजधानी से सटे नोएडा के ममूरा गांव के एक मकान में बुधवार की दोपहर आग लग गई. इस घटना में दो लोगों की मौत हो गई है. बताया जा रहा है कि इलेक्ट्रिक बाइक में स्पार्किंग की वजह से आग लगी. इस घटना से मकान के अंदर फंसे 100 से अधिक लोगों को रेस्क्यू किया गया है. दमकल विभाग की ओर से मौके पर राहत एवं बचाव कार्य जारी है. मामला नोएडा के फेस 3 थाना क्षेत्र स्थित सेक्टर 66 के मामूरा इलाके का है.

बुधवार की दोपहर यहां एक पांच मंजिला इमारत में संदिग्ध परिस्थिति में आग लग गई. देखते ही देखते आग ने भीषण रूप से लिा. इससे मौके पर अफरातफरी मच गई. इस हादसे में 26 वर्षीय महिला और एक पुरुष की मौत हो गई है. जबकि फायर विभाग ने समय रहते रेस्क्यू अभियान चला कर 100 से अधिक लोगों की जान बचाई है. सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए और इस इमारत के सामने वाली बिल्डिंग में सीढ़ियां लगाकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया.

घनी आबादी और संकरी गलियों से हुई मुश्किल

दमकल कर्मियों के मुताबिक मामूरा की संकरी गलियों और घनी आबादी के कारण राहत एवं बचाव कार्य में काफी मुश्किलें आईं. हालांकि इस चुनौती पूर्ण काम को फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद बाखूबी निभाया. दमकल अधिकारियों के मुताबिक शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट का मामला सामने आया है. हालांकि अन्य संभावित कारणों की भी हड़ताल की जा रही है. प्रशासन का कहना है कि फोरेंसिक जांच और तकनीकी रिपोर्ट के बाद ही आग के वास्तविक कारण सामने आएंगे.

फायर सेफ्टी पर उठे सवाल

इस हादसे के बाद एक बार फिर बहुमंजिली इमारतों में फायर सेफ्टी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि घनी आबादी वाले क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया जाना चाहिए. पुलिस और दमकल विभाग मामले की विस्तृत जांच में जुटे हैं. देखा जा रहा है कि इस इमारत में सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा था या नहीं. बता दें कि राहत एवं बचाव कार्य में थोड़ी भी देरी होती तो दर्जनों लोगों की जान जा सकती थी.

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