नोएडा की सड़कों पर उतरे मजदूर, गाजियाबाद-बुलंदशहर में भी हंगामा; क्या है वजह?
नोएडा में मजदूरों का वेतन वृद्धि और महंगाई के खिलाफ आंदोलन उग्र हो गया है. 9 अप्रैल से शुरू हुआ यह प्रदर्शन अब हिंसक रूप ले चुका है, जिसमें पथराव, आगजनी और सड़कों पर जाम देखा गया. गाजियाबाद और बुलंदशहर तक फैले इस विरोध ने दिल्ली सहित पूरे क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को ठप कर दिया है.
गुरुग्राम के आईएमटी मानेसर स्थित कंपनी से शुरू हुआ मजदूरों का आंदोलन बड़ी तेजी से उग्र रूप लेता जा रहा है. इस आंदोलन में सोमवार की सुबह नोएडा में पथराव, आगजनी हुई. इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे. इस घटनाक्रम का संदेश दूर तक गया और से बवाल खत्म होने के बाद गाजियाबाद और बुलंदशहर के भी मजदूर सड़कों पर उतर आए. हालात ऐसे बन गए नोएडा, गाजियाबाद और बुलंदशहर की सड़कों पर कई-कई किलोमीटर तक जाम लग गया. इसका असर दिल्ली की सड़कों पर भी दिखा.
महंगाई और वेतनवृद्धि को लेकर नोएडा औद्योगिक क्षेत्र में मजदूरों का गुस्सा उग्र आंदोलन का रूप ले चुका है. पुलिस ने सोमवार को इस आंदोलन को कुचलने की कोशिश की, लेकिन इसके बाद यह आंदोलन हिंसक हो गया. खबर मिलने पर नोएडा में सभी औद्योगिक क्षेत्रों से मजदूर बाहर निकल आए. यहां तक कि पड़ोस में गाजियाबाद और बुलंदशहर के मजदूरों ने कंपनियों कामकाज ठपकर प्रमुख सड़कों पर जाम लगा दिया. इसके चलते गाजियाबाद में तो स्थिति बहुत ही खराब हो गई. नोएडा-गाजियाबाद बॉर्डर पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया.
9 अप्रैल को शुरू हुआ आंदोलन
नोएडा में मजदूरों का आंदोलन 9 अप्रैल को फेस टू थाना क्षेत्र स्थित होजरी कंपलेक्स से शुरू हुआ. जहां गवर्नमेंट और होजरी यूनिट्स में काम करने वाले मजदूर फैक्ट्री के बाहर इकट्ठा हुए और वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए. शुरुआत में यह प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण था और मजदूरों ने बातचीत के जारिए अपनी बात रखने की कोशिश की. 11 अप्रैल तक उनकी मांगों पर ना तो कंपनियों ने विचार किया और ना ही प्रशासन ने कोई जवाब दिया. इससे असंतोष बढ़ता गया. इसी बीच 12 अप्रैल को इकोटेक थर्ड इलाके में प्रदर्शन के दौरान मामला बिगड़ गया. आरोप है कि इस दौरान पुलिस ने फायरिंग भी की.
गोलीकांड से भड़का बवाल
आरोप है कि इस फायरिंग में एक महिला मजदूर को गोली लगी. इसके बाद मजदूरों में आक्रोश फैल गया. अगले ही दिन यानी 13 अप्रैल को नोएडा के फेस 2 और सेक्टर 62 और NH 9 जैसे प्रमुख इलाकों में हजारों मजदूर सड़कों पर उतर आए. जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया. प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर दी डिवाइडर पर चढ़कर नारेबाजी की. इससे पूरे शहर की ट्रैफिक व्यवस्था ध्वस्त हो गई. यही नहीं, नोएडा के सभी एंट्री पॉइंट पर मजदूरों ने कब्जा कर लिया. इससे दिल्ली और गाजियाबाद में भी लंबा जाम लग गया. इस दौरान कई जगह मजदूरों ने तोड़फोड़ और आगजनी की. इससे अफरा तफरी मच गई.
पुलिस ने किया रूट डायवर्जन
मजदूरों के उग्र प्रदर्शन की वजह से नोएडा के अलावा गाजियाबाद, बुलंदशहर और हापुड़ में भी ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई हैं. इन शहरों में भी मजदूर कंपनियों से निकलकर धरना पद्रर्शन करने लगे हैं. मजदूरों ने सड़कों को बंद कर दिया है. ऐसे हाल में संबंधित जिलों की पुलिस ने अपने अपने इलाके में ट्रैफिक संचालन के लिए रूट डायवर्जन किया है. इस समय दिल्ली नोएडा बॉर्डर, नोएडा गाजियाबाद बॉर्डर सेक्टर 62, फेस टू, एनएच 24, डीएनडी फ्लाईवे और चिल्ला बॉर्डर जैसे प्रमुख मार्गों पर लंबा जाम लगा है.
