बांग्लादेशी युवक, शोषण, ब्लैकमेलिंग… नोएडा में लव जिहाद केस में SHO और SI नपे
नोएडा में लव जिहाद मामले में पुलिस की लापरवाही पर कड़ा एक्शन लिया गया है. पहचान छिपाकर शोषण, ब्लैकमेलिंग और ठगी के आरोप के बाद भी पुलिस ने हल्की धाराएं लगाई थीं. वहीं, मामले में SHO और SI को निलंबित कर दिया है. साथ ही DCP सेंट्रल नोएडा से स्पष्टीकरण मांगा गया है.
नोएडा में सामने आए कथित लव जिहाद मामले में पुलिस की कथित लापरवाही सामने आई है. प्रारंभिक जांच में पता चला कि मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया और उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज नहीं किया गया. अब लापरवाही बरतने वाले थाना स्तर के अधिकारियों SHO/SI को निलंबित कर दिया है. साथ ही DCP सेंट्रल से स्पष्टीकरण मांगा गया है.
जानकारी के मुताबिक, फेस 3 थाना क्षेत्र इलाके में रहने वाली युवती ने आरोप लगाया कि बंगलादेश के रहने वाले एक युवक ने अपनी पहचान और धर्म छुपा कर उससे प्रेम संबंध बनाए. सोशल मीडिया के जरिए संपर्क कर प्रेम जाल में फंसा. फिर उसकी आपत्तिजनक वीडियो बना लिए और वायरल करने की धमकी देकर उसका शोषण किया और लाखों रुपये भी ऐंठे.
हिंदू संगठनों से मिलकर थाने का घेराव, जमकर हंगामा
पीड़िता को जब आरोपी की असल पहचान का पता चला तो उसने इस पूरे मामले की शिकायत पुलिस में की. लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की. इसके बाद उसने कुछ सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर थाने फेस 3 का घेराव किया. पुलिस पर आरोप है कि उसने शुरुआत में हल्की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले को दबाने की कोशिश की.
मामले की जांच से यह खुलासा हुआ कि ‘लव जिहाद’ के तत्वों की मौजूदगी के बावजूद, FIR में संबंधित कड़ी धाराएं शामिल नहीं की गईं. इसी वजह से पुलिस के रवैये पर सवाल उठाए गए. अब लापरवाही पर थाना प्रभारी पुनीत कुमार और सब इंस्पेक्टर प्रीति गुप्ता के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.
डीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी से मांगा गया स्पष्टीकरण
इस पूरे मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट अधिकारियों को सौंप गई है. जांच में यह भी देखा जाएगा कि किन-किन स्तरों पर चुप्पी हुई और किसकी क्या जिम्मेदारी बनती है. जांच पूरी होने के बाद आगे और सख्त कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है. वहीं इस मामले की निगरानी को लेकर सेंट्रल नोएडा के डीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी से स्पष्टीकरण मांगा गया है.