नोएडा प्रदर्शन: CM योगी ने किया था अलर्ट, फिर भी प्रशासन फेल; अब मजदूरों से सीधा संवाद के निर्देश
नोएडा और आसपास की औद्योगिक क्षेत्र में मजदूरों के आंदोलन से हालात तनावपूर्ण हैं. योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए उच्च स्तरीय समिति का गठन कर दिया है. इस समिति का उद्देश्य श्रमिकों और उद्योगपतियों के बीच संवाद स्थापित करना और आंदोलन बंद करा जिले में शांति को बहाल करना है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को नोएडा में बड़े श्रमिक प्रदर्शन की पहले से जानकारी थी, बावजूद इसके प्रशासन इसे रोक नहीं पाया. सीएम ने लगातार बैठकें कीं और 8 जिलों को अलर्ट किया था. अब उन्होंने श्रम विभाग को श्रमिकों से सीधा संवाद बनाने और बाहरी, विघटनकारी तत्वों को चिह्नित कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. पुलिस-प्रशासन अलर्ट मोड पर हैं.
जामकारी के मुताबित, सीएम योगी ने श्रमिकों के विरोध प्रदर्शन के मुद्दे पर लगातार 2 दिन से बैठक कर रहे थे. उन्होंने इस मुद्दे पर पहली बैठक शनिवार को की थी. उसके बाद बड़े प्रदर्शन के मिले खुफिया इनपुट के बाद रविवार रात 9 बजे बैठक बुलाई थी. सीएम ने बैठक में 8 जिलों के जिलाधिकरियों को अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया था, लेकिन फिर भी सब विफल रहें.
स्थानीय प्रशासन के साथ मजदूरों से संवाद के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी ने श्रम विभाग को निर्देश दिए कि वह स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर सतत संवाद की प्रभावी व्यवस्था विकसित करे. बड़ी, मध्यम एवं सूक्ष्म सभी प्रकार की औद्योगिक इकाइयों के साथ नियमित संवाद सुनिश्चित किया जाए, ताकि समस्याओं का समाधान प्रारंभिक स्तर पर ही हो सके और असंतोष की स्थिति उत्पन्न न हो.
उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि वार्ता प्रक्रिया में केवल वास्तविक श्रमिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए. कई बार बाहरी तत्व स्वयं को श्रमिक प्रतिनिधि बताकर अव्यवस्था उत्पन्न करने का प्रयास करते हैं. ऐसे तत्वों की पहचान कर उन्हें प्रक्रिया से अलग रखा जाए तथा प्रशासन एवं इकाई प्रबंधन सीधे श्रमिकों से संवाद स्थापित करें.
साजिश के शक पर खुफिया तंत्र को अलर्ट के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में नक्सलवाद अब लगभग समाप्ति की स्थिति में है, किंतु इसे पुनर्जीवित करने के प्रयास एक बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकते हैं. उन्होंने आशंका जताई कि हालिया कुछ प्रदर्शनों में ऐसे भ्रामक एवं विघटनकारी तत्व शामिल हो सकते हैं. उन्होंने औद्योगिक क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतते हुए खुफिया तंत्र को सक्रिय रखाने के निर्देश दिए हैं.
गोतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, कानपुर, मेरठ, फिरोजाबाद, मुरादाबाद, वाराणसी और गोरखपुर के जिलाधिकारियों सहित यूपीसीडा, नोएडा, ग्रेटर नोएडा एवं यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं. किसी भी प्रकार की भड़काऊ या अव्यवस्था फैलाने वालों पर कार्रवाई के निर्देश हैं.
करीब 42000 कर्मचारियों ने नोएडा में प्रदर्शन किया
नोएडा में मजदूरों ने सोमवार को वेतन बढ़ोतरी को लेकर जारी अपना शांतिपूर्ण आंदोलन उग्र कर दिया. नोएडा के फेस टू औद्योगिक क्षेत्र से शुरू हुआ बावल सेक्टर 63 तक पहुंच गया जहां प्रदर्शनकारियो ने थाने पर भी पथराव कर दिया. करीब 42000 कर्मचारियों ने मांग को लेकर प्रदर्शन किया, इसमें अन्य जनपदों से सैंकड़ों लोग आए हुए थे.
मजदूरों के प्रदर्शन के दौरान उनकी पुलिस से भी झड़पे हुईं. हालात संभालने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज का भी सहारा लिया, लेकिन उससे प्रदर्शनकारी और भड़क गए. ये कई गुटो में बटकर आगे बढ़े और बावल सेक्टर 63 तक फैल गया जिसे पूरी इलाके में तनाव का माहौल बन गया. पुलिस ने 50 से ज्यादा को हिरासत में लिया और सोशल अकाउंट्स निशाने पर हैं.
83 स्थलों पर 42 हजार श्रमिकों ने प्रदर्शन किया- CP नोएडा
नोएडा में श्रमिकों के प्रदर्शन पर CP लक्ष्मी सिंह ने कहा कि 2 सोशल मीडिया अकाउंट पर FIR दर्ज हो गई हैं. गलत जानकारी पब्लिश करने से उग्र प्रदर्शन हुआ. दूसरे जिलों से आई भीड़ ने माहौल बिगाड़ा हैं. कई लोगों को हिरासत में लिया गया है, कानून तोड़ने वालों के खिलाफ FIR दर्ज होगी. जिले में ‘83 स्थलों पर 42 हजार श्रमिकों ने प्रदर्शन किया हैं.
उन्होंने बताया कि 78 स्थानों पर लोगों को समझाकर वापस भेजा गया हैं. श्रमिकों की 5 मांगों में से 4 मांगे मानी गई हैं. बाकी मांगों को हाईलेवल कमेटी बनाई गई है. हाई लेवल कमेटी की एक मीटिंग हो चुकी है. उन्होंने मजदूरों से शांति की अपील की. बता दें कि सभी सोशल मीडिया अकाउंट की विस्तृत जांच उत्तर प्रदेश एसटीएफ द्वारा की जाएगी.
