अभय सिंह की विधायकी बचेगी या नहीं? 24 साल पुराने धनंजय केस के फैसले पर टिकी है निगाहें

वाराणसी के नदेसर सिनेमा गोलीकांड मामले में 24 साल बाद 15 अप्रैल को एमपी/एमएलए कोर्ट का फैसला आएगा. यह वाराणसी का पहला हाई-प्रोफाइल ओपन शूटआउट था, जिसमें पूर्व सांसद धनंजय सिंह और बागी सपा विधायक अभय सिंह मुख्य पक्षकार हैं. जानें क्या हुआ था 4 अक्टूबर 2002 के दिन.

सपा विधायक अभय सिंह और जौनपुर से पूर्व सांसद धनंजय सिंह

वाराणसी टकसाल सिनेमा शूटआउट केस में सोमवार को अदालत में बहस पूरी हो गई. दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. 24 साल के लंबे इंतजार के बाद फैसले की घड़ी है. पूर्व सांसद धनंजय सिंह समेत चार लोगों पर एके 47 से ताबड़तोड़ फायरिंग करने के मामले में 15 अप्रैल को कोर्ट का फैसला आना है.

वाराणसी के पहले हाई प्रोफाइल ओपन शूट आउट मामले में मुख्य आरोपी और गोसाईगंज से बागी सपा विधायक अभय सिंह समेत तीन लोग कटघरे में हैं. 4 अक्टूबर 2002 को मामले में धनंजय सिंह ने अभय सिंह, विनीत सिंह (वर्तमान एमएलसी), संदीप सिंह, संजय रघुवंशी, विनोद सिंह और सतेंद्र सिंह बबलू समेत अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था.

फ़िल्म गुनाह का मैटिनी शो के दौरान शूटआउट

अदालत से साक्ष्य के अभाव में विनीत सिंह (वर्तमान एमएलसी), सत्येंद्र बबलू और विनोद सिंह बरी हो गए, इस प्रकार अब तीन आरोपी रह गए हैं. वाराणसी के एमपी/एमएलए कोर्ट में बीते शुक्रवार को अभियोजन, वादी पक्ष और बचाव पक्ष की गवाही और बहस पूरी हुई थी. वहीं, आज यजुवेन्द्र विक्रम सिंह की कोर्ट में बहस के बाद लिखित बहस और नजीरें दाखिल हो गई हैं.

4 अक्टूबर 2002 को करीब 3:30 बजे टकसाल सिनेमा में लगी बिपाशा बसु और डीनो मोरिया की फ़िल्म गुनाह का मैटिनी शो था. कुछ लोग सिनेमा हॉल के अंदर जा चुके थे जबकि कुछ लोग जा रहे थे कि इसी बीच टकसाल सिनेमा के पास से एक सफारी गुजर रही थी और सड़क की दूसरी तरफ पहले से ही खड़ी बोलेरो गाड़ी से कुछ लोग फायरिंग शुरू कर दिए.

धनंजय सिंह समेत पांच लोग बुरी तरह हुए थे घायल

फायरिंग शुरू होते ही सफारी गाड़ी से भी फायरिंग शुरू हो गई. दिन दहाड़े करीब सौ राउंड गोलियां चलीं और गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा इलाका थर्रा उठा. ये बनारस का पहल ओपन शूट आउट मामला था. सफारी में तत्कालीन रारी विधायक धनंजय सिंह और उनके लोग थे. जबकि बोलेरो में अभय सिंह और विनीत सिंह समेत आधा दर्जन लोग थे.

इस गोली कांड में रारी विधायक धनंजय सिंह समेत पांच लोग बुरी तरह से घायल हो गए थे. इस मामले में धनंजय सिंह ने कहा कि उन्हें 24 साल से न्याय का इंतज़ार है और उन्हें यकीन है कि न्यायालय से उन्हें न्याय जरूर मिलेगा. धनंजय सिंह के वकील श्रीनाथ त्रिपाठी ने कहा कि पुरानी धारा 307 के लिए इससे भयानक और बुरा नही हो सकता था.

धनंजय और अभय के बीच अदावत का खुलेआम प्रदर्शन

लखनऊ विश्वविद्यालय में कभी जय-बीरु की जोड़ी के रूप में फेमस रहे धनंजय सिंह और अभय सिंह की दुश्मनी तो विश्वविद्यालय से ही शुरू हो गई थी. लेकिन टकसाल सिनेमा गोलीकांड तो उनकी दुश्मनी की पराकाष्ठा थी. वरिष्ठ पत्रकार पवन सिंह कहते हैं कि पूर्वांचल में इसके पहले बृजेश सिंह और मुख़्तार अंसारी के बीच शूट आउट के कई मामले आ चुके थे.

लेकिन ये पहला ऐसा ओपन शूट आउट था जिसमें नए प्लेयर्स सामने थे. और वो भी ऐसे प्लेयर्स जो कभी जिगरी यार हुआ करते थे. इस घटना ने वाराणसी में एक दहशत फैला दी थी. आज भी जब उसकी सुनवाई चल रही है और फैसले की घड़ी सामने है. तो लोगों की नजरें भी इस केस पर लगी है कि आखिर कोर्ट से क्या फ़ैसला आता है?

Follow Us