युवराज मेहता हादसे से चर्चा में आया मनिंदर गिरफ्तार, रेस्त्रां-ठेली वालों से रंगदारी मांगने का आरोप
सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता हादसे में मदद का दावा करने वाले मनिंदर को नोएडा पुलिस ने गिरफ्तार किया है. मनिंदर और उसके भाई पर रेस्टोरेंट और ठेली वालों से हर महीने हजारों रुपये की वसूली करने का आरोप है. इस गिरफ्तारी के बाद मनिंदर एक फिर चर्चा में है.
नोएडा के सेक्टर 150 में हुए चर्चित सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता हादसे के दौरान मदद के लिए पानी में उतारने का दावा करने वाले मनिंदर अब खुद पुलिस कार्रवाई के घेरे में आ गया है. नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने मनिंदर और उसके भाई नरेंद्र को रंगदारी मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया है. दोनों भाई रेस्टोरेंट- ठेली वालों से अवैध वसूली करते थे.
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ शिकायतें मिलने के बाद मुकदमा दर्ज किया गया था. आरोप है कि दोनों भाई क्षेत्र में रेस्टोरेंट चलाने वाले और ठेली लगाने वाले लोगों को डरा धमका कर हर महीने 20 से 25 हजार रुपए तक की रंगदारी मांग करते थे. पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और उनके पुराने अपराधिक रिकार्ड भी खंगाल रही है.
युवराज मेहता हादसे के बाद चर्चा में आया था मोनिंदर
नोएडा में कुछ समय पहले सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की कार पानी में गिरने से मौत हो गई थी. इसके बाद मोनिंदर ने दावा किया था कि हादसे के दौरान युवराज को समय पर मदद नहीं मिली और वह खुद उन्हें बचाने के लिए पानी में उतरा था. लेकिन अंधेरा होने की वजह से उसे कुछ दिखाई नहीं दिया और वह युवराज को नहीं बचा पाया.
इस घटना के बाद मोनिंदर का नाम लोगों की बीच चर्चा में आया था लेकिन अब रंगदारी के आरोप में गिरफ्तारी के बाद वह एक बार फिर सुर्खियों में है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपियों से जुड़े अन्य मामलों की जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे पहले भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल रहे हैं या नहीं.
डरा-धमकाकर हर महीने रंगदारी वसूलने के आरोप
शुरुआती जांच में सामने आया कि मनिंदर और नरेंद्र इलाके में कारोबार करने वाले लोगों को कथित रूप से डराकर और धमकाकर उनसे हर महीने रंगदारी वसूलते थे. अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में अन्य मामलों में संलिप्तता सामने आती है तो उसके आधार पर भी आगे कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी है.