पहले जेल से रिहाई पर बवाल, अब चुपके से अग्रिम जमानत; फिर क्यों चर्चा में गैंगस्टर रवि काना? क्राइम कुंडली
पुलिस खाक ही छानती रह गई और नोएडा के कुख्यात गैंगस्टर रवि काना ने चुपके से अग्रिम जमानत ले ली है. गौतमबुद्ध नगर समेत कई जिलों की पुलिस उसकी तलाश का दावा कर रही थी. पहले बांदा जेल से उसकी संदिग्ध रिहाई और अब यह अग्रिम जमानत ने पुलिस-प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर दिया है.
ग्रेटर नोएडा के कुख्यात स्क्रैप माफिया और गैंगस्टर रवि काना एक बार फिर सुर्खियों में है. इस बार उसकी चर्चा गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत मिलने को लेकर हो रही है. चर्चा इसलिए भी हो रही है कि कई जिलों की पुलिस उसे चप्पे चप्पे पर तलाश करने का दावा कर रही थी. बावजूद इसके पुलिस को उसकी कोई खबर नहीं लगी और वह चुपके से गौतमबुद्ध नगर की अदालत में पहु्ंचकर अग्रिम जमानत भी ले लिया है.
नोएडा के सेक्टर 63 थाना क्षेत्र में रंगदारी वसूलने, संगठित अपराधिक गिरोह चलाने और बांदा की जेल से रिहाई से जुड़े मामले में सुनवाई के बाद अदालत ने उसे सशर्त जमानत दी है. अदालत ने जमानत की शर्तों में लिखा है कि वह मामले की जांच पूरा सहयोग करेगा. बता दें कि बी- वारंट लंबित होने के बाद भी बांदा जेल से उसकी रिहाई हो गई थी. जेल से बाहर आते ही वह लापता हो गया था. इसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ नया केस दर्ज किया था.
जमानत पर उठे सवाल
नोएडा पुलिस ने सेक्टर 63 थाने में दर्ज मामले में उसे अदालत में पेश करने के लिए बी- वारंट जारी किया था. 29 जनवरी 2026 को यह बी- वारंट लंबित ही था कि बांदा जेल प्रशासन ने उसे रिहा कर दिया. मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने पिछली सुनवाई में बांदा जेल अधीक्षक से स्पष्टीकरण मांगा था. इसके बाद बांदा जेल अधीक्षक को सस्पेंड कर दिया गया था. अब जिला अदालत से ही उसे जमानत मिलने पर सवाल उठाए जा रहे हैं.
जब्त हो चुकी है 120 करोड़ से अधिक की संपत्ति
नोएडा-ग्रेटर नोएडा के कुख्यात स्क्रैप माफिया रवि काना के खिलाफ नोएडा की पुलिस ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराया था. इसके बाद उसे थाईलैंड की पुलिस ने गिरफ्तार किया था. इसकी जानकाीर होने पर थाईलैंड से नोएडा पुलिस उसे भारत ले आई और कोर्ट में पेश करने के बाद बांदा जेल में रखा गया था. कुछ दिनों पहले ही नोएडा पुलिस ने रवि काना और उसके साथियों की करीब 120 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क कर ली थी.
ऐसे खड़ा किया साम्राज्य
रवि काना का परिवार काफी समय से स्क्रैप का काम करता रहा है. इस कारोबारी रंजिश में उसके भाई हरेंद्र प्रधान की साल 2014 में हत्या हो गई थी. इसके बाद बदले की भावना के तहत रवि काना ने गैंग बनाई और नोएडा के तमाम स्क्रैप कारोबारियों का धंधा बंद करा दिया था. इसके बाद इसने रंगदारी वसूली का धंधा शुरू किया. देखते ही देखते पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अपराध जगत में इसका नाम काफी बड़ा हो गया. बीते 8 वर्षों में ही उसने कबाड़ से 100 करोड़ से भी अधिक का साम्राज्य खड़ा कर लिया. उसके खिलाफ गैंगरेप के भी मामले दर्ज हैं.
कौन है गैंगस्टर रवि काना?
नोएडा पुलिस के मुताबिक एक दशक पहले तक दनकौर के दादूपुर निवासी रवि नागर उर्फ रवि काना नामक यह बदमाश नोएडा में छोटे-मोटे अपराध करता था, लेकिन साल 2014 में इसके भाई और स्क्रैप माफिया हरेंद्र प्रधान की हत्या के बाद यह बेलगाम हो गया. यह ट्रक चालकों को डरा धमकाकर सरिया से भरा माल अपने गोदाम में उतरवा लेता और फिर मोटी कीमत लेकर कंपनियों में सप्लाई देने लगा. इसी बीच यह कुख्यात बदमाश अनिल दुजाना के संपर्क में आया और फिर तेजी से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अपराध पर कब्जा कर लिया.
इसकी शादी भी बनी सुर्खियां
साल 2015-16 में रवि काना का जलजला था. उस समय इसके पास दिल्ली की न्यू फ्रेंड्स क़ॉलोनी में रहने वाली लड़की काजल झा नौकरी मांगने आई. रवि काना ने इस लड़की को देखते ही मोहित हो गया और उसे काम पर रख लिया. काजल ने कुछ ही दिन में रिव का भरोसा जीत लिया और रवि के कारोबार में पार्टनर बन गई. फिर कुछ ही दिन में उसने रवि काना से शादी भी कर ली. इसकी शादी की कहानी मुकदमे की चार्जशीट में भी दर्ज है.
इस मामले से लगा साम्राज्य पर ग्रहण
रवि काना और उसके चार साथियों के खिलाफ जनवरी 2024 में नोएडा सेक्टर-39 कोतवाली पुलिस ने गैंगरेप का मुकदमा दर्ज किया था. यह वारदात यहां एक मॉल की पार्किंग में में अंजाम दिया गया था. इसके बाद बीटा-2 थाना पुलिस ने इस बदमाश के खिलाफ गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज किया. यह मुकदमा दर्ज होते ही इस गैंगस्टर और इसके गैंग की उल्टी गिनती शुरू हो गई.