रात में पत्नी से लंबी बात, सुबह नहीं उठा फोन; रिटायर्ड IAS राकेश मेहता की मौत से उठे सवाल
नोएडा में रिटायर्ड IAS राकेश मेहता की आत्महत्या ने कई सवाल खड़े किए हैं. वे पिछले पांच सालों से अकेले रह रहे थे और पड़ोसियों से भी कम बातचीत करते थे. बीमारी और मानसिक तनाव का जिक्र सुसाइड नोट में था. जानिए राकेश मेहता की आखिरी रात कैसा रहा?
पूर्व आईएएस अधिकारी और दिल्ली सरकार में पूर्व मुख्य सचिव रहे राकेश मेहता की मौत के मामले में उनकी जिंदगी की आखिरी दिनों की तस्वीर अब सामने आ रही है. राकेश मेहता पिछले करीब पांच वर्षों से नोएडा में रह रहे थे वह थाना फेस-2 क्षेत्र स्थित सेक्टर 93 के केंद्रीय विहार-2 सोसाइटी में किराए के फ्लैट में रहते थे.
स्थानीय लोगों के मुताबिक, उन्हें ज्यादातर अकेला रहना पसंद था. वह आसपास के लोगों से ज्यादा बातचीत नहीं करते थे और पड़ोसियों से भी उनका संपर्क बेहद सीमित था. उनकी पत्नी सुमंती मेहता भी रिटायर्ड IAS अधिकारी हैं. वह फिलहाल अपने बेटे के साथ देहरादून के वसंत विहार इलाके में रहती हैं. हालांकि वह कभी कभार नोएडा आती-जाती रहती थी.
मौत की रात पत्नी से हुई थी लंबी बातचीत
पति और पत्नी के अलग-अलग रहने के बावजूद परिवार के बीच संपर्क बना हुआ था. घटना से एक रात पहले शनिवार को राकेश मेहता की अपनी पत्नी से फोन पर लंबी बातचीत हुई थी. इसके बाद अगले दिन सुबह उनके पत्नी ने दोबारा फोन किया लेकिन इस बार फोन रिसीव नहीं हुआ.काफी देर तक फोन नहीं उठने पर उनकी पत्नी को चिंता हुई.
पत्नी ने सोसायटी के सिक्योरिटी गार्ड को फोन कर राकेश मेहता के बारे में जानकारी लेने के लिए कहा. गार्ड मौके पर पहुंचा तो फ्लैट का दरवाजा अंदर से बंद मिला. काफी कोशिश के बाद जब दरवाजा नहीं खुला तो दूसरी चाबी मंगवाई गई. दूसरी चाबी से फ्लैट का लॉक खोला गया तो अंदर का दृश्य देखकर सिक्योरिटी गार्ड के होश उड़ गए.
सुसाइड नोट में बीमारी और तनाव का जिक्र
बताया जा रहा है कि राकेश मेहता फंदे से लटके हुए मिले थे. तत्काल पुलिस को सूचना दी गई. पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच करने के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. वहीं, पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया. इसके बाद दिल्ली में राकेश मेहता का अंतिम संस्कार किया गया.
घटना के बाद परिवार के सदस्य नोएडा पहुंचे और मामले की जानकारी पुलिस के ली. अगले दिन परिवार के सदस्य थाने भी पहुंचे .पुलिस के सामने परिजनों ने किसी तरह की कार्रवाई नहीं करने की बात कही. जिसके बाद पुलिस ने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की और परिवार वापस देहरादून लौट गया. लेकिन सवाल अब भी कई हैं.
राकेश मेहता की मौत ने उनके प्रशासनिक जीवन के साथ-साथ उनके निजी जिंदगी को लेकर भी कई सवाल खड़े किए हैं. हालांकि सुसाइड नोट में बीमारी और मानसिक तनाव की बात कही गई है. उन्हें कई तरह की बीमारियां थी. वह डायबिटीज, हाई बीपी, और हाइपरटेंशन की बीमारी से ग्रस्त थे जिसका जिक्र उन्होंने सुसाइड नोट में भी किया.
उन्होंने सुसाइड नोट में यह भी लिखा कि वह अपनी मौत के खुद जिम्मेदार है, परिवार के किसी भी लोगों को परेशान ना करें. फिलहाल इस मामले में परिवार की ओर से किसी तरह की कार्रवाई की मांग नहीं की गई है.