पश्चिमी यूपी बन रहा है सियासी शक्ति प्रदर्शन केंद्र, आज PM मोदी तो कल अखिलेश की रैली
गौतम बुद्ध नगर एक बार फिर प्रदेश की राजनीति का केंद्र बन रहा है. एक ओर जेवर में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन करने जा रहे हैं. इस कार्यक्रम में उनके साथ प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे. वहीं, दूसरी ओर दादरी में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जनसभा कर चुनावी बिगुल फूकेंगे.
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अगले 24 घंटे राजनीतिक तौर पर बेहद अहम माने जा रहे हैं. आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन करने वाले हैं. वहीं, रविवार यानी 29 मार्च को दादरी में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की रैली होने जा रही है. दोनों ही कार्यक्रमों को सियासी ताकत के प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है. जहां सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने नजर आएंगे.
आज नोएडा में पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज जेवर में बना रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे. यह कार्यक्रम केवल एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट का उद्घाटन नहीं बल्कि सरकार की विकास नीति को प्रदर्शित करने का एक बड़ा मंच भी है. प्रधानमंत्री मोदी उद्घाटन के बाद एक बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे. इसमें करीब दो लाख लोगों के आने का अनुमान है. इस दौरान केंद्र और राज्य सरकार के कई मंत्री जनप्रतिनिधि और पार्टी पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे. सरकार इस मंच से निवेश रोजगार और क्षेत्रीय विकास को लेकर बड़ा संदेश देने की तैयारी में है.
दादरी में अखिलेश यादव की रैली कल पलटवार की तैयारी
प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम के ठीक अगले दिन दादरी में अखिलेश यादव की रैली प्रस्तावित है. समाजवादी पार्टी इस रैली को पीडीए (पिछड़ा दलित अल्पसंख्यक)थीम के तहत आयोजित कर रही है. इस रैली के जरिए सपा सरकार के दावों पर सवाल उठाने और जमीनी मुद्दों को सामने लाने की रणनीति पर काम कर रही है. अखिलेश यादव अपने संबोधन में जमीन अधिग्रहण, मुआवजा रोजगार और स्थानीय भागीदारी जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठा सकते हैं.
विकास बनाम जमीनी हकीकत की सियासत
दोनों आयोजनों में मुख्य रूप से विकास बनाम जमीनी हकीकत का मुद्दा केंद्र में रहेगा. जहां एक और भाजपा बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के जरिए विकास का संदेश देगी. वहीं, विपक्ष इन्हीं परियोजनाओं को आधार बनाकर जमीनी समस्याओं और सामाजिक समीकरणों को उठाने की कोशिश करेगी. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह टकराव केवल भाषणों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि आने वाले चुनावी माहौल की दिशा भी तैयार कर सकता है.
गुर्जर और पीडीए वोट बैंक पर फोकस
पश्चिमी यूपी में गुर्जर समुदाय को काफी प्रभावशाली माना जाता है ऐसे में सभी राजनीतिक दल इस वर्ग को साधने की कोशिश में जुटे हुए हैं. समाजवादी पार्टी ने अपनी रैली को पीडीए थीम पर केंद्रित रखते हुए पिछड़े दलित और अल्पसंख्यक समुदाय के साथ-साथ गुर्जर वोट बैंक पर भी खास फोकस किया है. वहीं भाजपा भी अपने कार्यक्रम के जरिए क्षेत्र के सभी वर्गों को जोड़ने और विकास के एजेंडे के साथ आगे बढ़ने का संदेश दे रही है.
भीड़ और संगठन क्षमता का होगा प्रशिक्षण
इन दोनों कार्यक्रमों में भीड़ जुटाना और संगठन की ताकत दिखाना भी एक बड़ा लक्ष्य है. जेवर में होने वाले कार्यक्रम में लाखों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है. वहीं, दादरी में सपा भी बड़ी संख्या में समर्थकों को जुताने की तैयारी कर रही है. ये दोनों आयोजन राजनीतिक दलों के लिए अपनी ताकत दिखाने का एक बड़ा मौका है. इससे कार्यकर्ताओं का मनोबल भी बढ़ेगा और आने वाले समय में चुनावी असर की दिशा तय करने का मुकाबला भी बनेगा.
दोनों कार्यक्रमों का चुनावों पर पड़ेगा असर
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह 24 घंटे का कार्यक्रम केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका असर आने वाले चुनाव पर भी पड़ सकता है. पश्चिमी यूपी लंबे समय से राजनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र रहा है. यहां की राजनीतिक गतिविधियां अक्षर बड़े चुनावी परिणामों को प्रभावित करती है. इन दोनों आयोजनों के जरिए यह तय होगा की जनता के बीच किसका संदेश ज्यादा प्रभाव छोड़ता है विकास का एजेंडा या जमीनी मुद्दों की रणनीति.