यमुना सिटी में प्रॉपर्टी खरीदना हुआ महंगा, 1 अप्रैल से लागू होंगी नई दरें; YEIDA की बैठक में फैसला
यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में प्लॉट, मकान और कमर्शियल प्रॉपर्टी खरीदना महंगा हो गया है. यह निर्णय जेवर एयरपोर्ट के कारण बढ़ती मांग और क्षेत्र के तीव्र विकास को देखते हुए लिया गया है. साथ ही बोर्ड बैठक में 2026-27 के लिए ₹11,800 करोड़ का रिकॉर्ड बजट पास हुआ है.
यमुना विकास प्राधिकरण (YEIDA) की 89वीं बोर्ड बैठक शुक्रवार को संपन्न हुई. इसमें वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹11,800 करोड़ का विशाल बजट पास हुआ है. साथ ही प्लॉट, मकान और कमर्शियल प्रॉपर्टी खरीदना महंगा कर दिया. YEIDA क्षेत्र में प्रॉपर्टी दरों में 3.58% की बढ़ोतरी की गई है, जो नए वित्तीय वर्ष में एक अप्रैल से लागू हो जाएंगी.
यह निर्णय जेवर एयरपोर्ट के कारण बढ़ती मांग और क्षेत्र के तीव्र विकास को देखते हुए लिया गया है. इस फैसले का सीधा कर उन लोगों पर पड़ेगा जो यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में प्लॉट या संपत्ति खरीदने की योजना बना रहे हैं. इससे निवेशकों के लिए नए अवसर खुलेंगे, जबकि आम खरीदारों के लिए संपत्ति खरीदना अब पहले से थोड़ा महंगा हो जाएगा.
बैठक में ऑक्शन रेट बढ़ाने का भी लिया गया फैसला
यह बढ़ोतरी सभी तरह की प्रॉपर्टीज पर लागू होगी, जिसमें जरूरी प्लॉट, कमर्शियल प्रॉपर्टी, इंडस्ट्रियल प्लॉट और इंस्टीट्यूशनल जमीन शामिल हैं. इसके साथ ही, बिड रेट यानी ऑक्शन रेट बढ़ाने का भी फ़ैसला लिया गया है. इसका सीधा मतलब है कि आने वाले समय में नीलामी के जरिए जमीन खरीदने वालों को भी ज़्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी.
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास तेजी से इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है.जमीन की मांग लगातार बढ़ रही है यही वजह है कि प्राधिकरण ने दरों में बढ़ोतरी का फैसला लिया है. वहीं, रियल एस्टेट से जुड़े लोगों का मानना है कि एयरपोर्ट शुरू होने के बाद इस क्षेत्र में प्रॉपर्टी की कीमतों में और तेजी आने की पूरी संभावनाएं हैं.
जेवर क्षेत्र में ट्रैफिक पार्क ट्रेनिंग सेंटर बनाने को मंजूरी
प्रॉपर्टी दरों में बढ़ोतरी के बाद निवेशकों के लिए यह क्षेत्र एक मजबूत विकल्प बनकर उभर रहा है, तो वही आम लोगों के लिए जमीन खरीदना पहले से महंगा हो जाएगा. हालांकि लंबे समय के निवेश के लिहाज से यह क्षेत्र अभी काफी संभावनाओं से भरा हुआ माना जा रहा है. वहीं, 11800 करोड रुपए के बजट से क्षेत्र विश्व स्तरीय शहर के रूप में विकसित होगा.
बोर्ड बैठक में जेवर क्षेत्र में ट्रैफिक पार्क ट्रेनिंग सेंटर बनाने को भी मंजूरी दी गई है. यह परियोजना होंडा इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से पी मॉडल पर विकसित की जाएगी. इसका उद्देश्य लोगों को सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक करना है. यह सेंटर खासतौर परिवार और ड्राइवर के लिए उपयोगी साबित हो सकता है.