नोएडा में इंजीनियर की मौत का कौन जिम्मेदार? दिन पर बीते दिन, अब तक नहीं आई SIT की रिपोर्ट; उठे सवाल

इंजीनियर युवराज मेहता की नोएडा में मौत के 10 दिन बाद भी SIT रिपोर्ट नहीं आई है. परिजनों व स्थानीय लोगों में न्याय में देरी को लेकर आक्रोश है. सीएम के निर्देश पर बनी SIT की लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं. लोगों का आरोप है कि नोएडा प्राधिकरण की लापरवाही से जान गई और अब जिम्मेदार बचाए जा रहे हैं. सिस्टम पर भरोसा घट रहा है.

सेक्टर 150 हादसे पर कार्रवाई Image Credit:

नोएडा सेक्टर 150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत का मामला सुलझने के बजाय लगातार उलझता जा रहा है. इस मामले में 10 दिन बाद भी एसआईटी अपनी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं कर सकी है. ऐसे में युवराज के परिजन ही नहीं, सोसायटी के लोग भी सवाल उठा रहे हैं. पूछा जा रहा है कि आखिर एसआईटी और उसकी रिपोर्ट कहां गायब हो गई. कहीं ऐसा तो नहीं कि हमेशा की तरह यह फाइल भी दब गई?

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिले में अक्सर बड़ी बड़ी घटनाएं होती हैं, लेकिन छोटे मोटे लोगों पर कार्रवाई कर खानापूर्ति कर लिया जाता है. इन मामलों में बड़े चहरे और जिम्मेदार लोग आसानी से बच निकलते हैं. घटना को 10 दिन भी एसआईटी की रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होने से जोगों को आशंका है कि इस केस का भी ऐसा ही हश्र ना हो जाए. ऐसे हालात में मृतक इंजीनियर युवराज, उसके दोस्त, सोसायटी के लोग और अन्य स्थानीय लोगों असमंजस की स्थिति में हैं.

सीएम ने बनाई थी एसआईटी

युवराज मेहता की मौत का मामला तूल पकड़ने देख सीएम योगी आदित्यनाथ ने एसआईटी गठन के निर्देश दिए थे. इसके बाद तीन सदस्य एसआईटी टीम गठित हुई. एसआईटी को 5 दिन में रिपोर्ट पेश करनी थी, लेकिन एसआईटी के अधिकारियों की लापरवाही और लीपापोती की वजह से 10 दिन बाद भी रिपोर्ट की कोई खबर नहीं है. इसकी वजह से अभी तक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई भी सुनिश्चित नहीं हो सकी है. यह स्थिति उस समय है जब, मामले में 125 से ज्यादा लोगों से पूछताछ हो चुकी है.

सपा ने पहले ही उठाए थे सवाल

इस मामले में कार्रवाई में देरी पर सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने गंभीर टिप्पणी की थी. उन्होंने इस घटना के जिम्मेदारों को बचाने का आरोप लगाया था. इसी प्रकार युवराज मेहता के पिता ने भी पुलिस और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए थे. कहा था कि यह मामला किसी एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे शहर में लोगों की सुरक्षा से जुड़ा है. यह मामला सीधे सीधे नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों की लापरवाही का है.

लोगों में बढ़ा आक्रोश

सेक्टर 150 की सोसाइटी में रहने वाले लोगों का कहना है कि निर्माणाधीन साइट के बेसमेंट में पानी भरने की शिकायतें पहले भी की गई थीं. बावजूद इसके संबंधित अधिकारियों ने समय रहते ठोस कदम नहीं उठाया. अगर पहले ही कार्रवाई हो जाती तो युवराज की जान बच सकती थी. इस लापरवाही पर लीपापोती के लिए रिपोर्ट में देरी हो रही है. इससे लोगों का भरोसा सिस्टम पर कमजोर होता जा रहा है.