पाकिस्तान की महिला रामपुर में ऐसे बन गई सरकारी टीचर, 34 साल बाद खुली पोल तो सन्न रह गए अधिकारी

रामपुर में एक पाकिस्तानी महिला सरकारी टीचर के तौर पर प्राथमिक विद्यालय में पढ़ा रही थी. उसने खुद के पाकिस्तानी नागरिक होने की बात को तकरीबन 34 साल तक छिपाया. साथ ही फेक डॉक्यूमेंट्स के सहारे यहां सरकारी नौकरी हासिल कर ली थी. अब महिला के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कर लिया गया है.

पाकिस्तान की महिला रामपुर में सरकारी टीचर

यूपी के रामपुर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां एक पाकिस्तानी नागरिकता रखने वाली महिला ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे बेसिक शिक्षा परिषध में सरकारी टीचर की नौकरी हासिल कर ली. अब जब इस मामले का खुलासा हुआ तो महिला के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है.

महिला के पास थी पाकिस्तानी नागरिकता

आरोपी महिला की पहचान फरजाना बी उर्फ माहिरा अख्तर पत्नी सिद्दीक हसन खां के रूप में हुई है. वह इस वक्त रामपुर के कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला खंडसार (पीर की पैठ) में रहती है. महिला के ऊपर आरोप लगा है कि पाकिस्तानी नागरिक होने के बाद भी उसे धोखाधड़ी से भारत में रहने का निवास प्रमाण पत्र बनवाया. फिर इसी के आधार पर सैदनगर के प्राथमिक विद्यालय कुम्हरिया में सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति भी ले ली.

पहले भारतीय ही थी महिला

जानकारी के मुताबिक पहले फरजाना भारतीय ही थी. लेकिन 1979 में निकाह के बाद वह पाकिस्तान चली गई थी. फिर वहां की नागरिकता ले ली. हालांकि, इस दौरान वहां पति से विवाद हुआ. इसके बाद वह अपना नाम बदलकर अपनी दो बेटियों के साथ वापस रामपुर लौट आई थी. उस समय उसकी दोनों बेटियां नाबालिग थीं. फिर उसने रामपुर के ही निवासी सिद्दीक हसन खां से निकाह कर लिया.

दीर्घकालिक वीजा की मिली थी महिला की सुविधा

भारत सरकार ने उसे दीर्घकालिक वीजा (LTV) की सुविधा प्रदान की थी. नियमों के मुताबिक एलटीवी पर रह रहे विदेशी नागरिक सरकारी सेवा के पात्र नहीं होते. लेकिन महिला ने अपनी विदेशी नागरिकता छिपाई और अधिकारियों को गुमराह किया. अब जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग इस मामले की जांच कर रहा है. यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है दस्तावेजों के सत्यापन में कहा चूक हुई. पुलिस का कहना है कि जांच के बाद महिला के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी.

(रामपुर से गुलजार रहमान की रिपोर्ट)