3 बीवियां, खाते में 5.50 करोड़ रुपये… बिलिंग के नाम पर ठिकाने लगाई सरकारी रकम, घोटालेबाज चपरासी की कहानी

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में एक चपरासी ने तीन बीवियों और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर 5.5 करोड़ रुपये का सरकारी घोटाला किया. वेतन बिल की जिम्मेदारी का दुरुपयोग कर उसने फर्जी बेनिफिशियरी आईडी बनाईं और सरकारी रकम को अपने रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर किया, जिसे बाद में प्रॉपर्टी में निवेश किया गया. पुलिस ने 7 महिलाओं को गिरफ्तार किया है.

पीलीभीती में घोटालेबाज चपरासी का खुलासा Image Credit:

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में एक अजीब घोटाला सामने आया है. यहां जिला विद्यालय निरीक्षक ऑफिस में तैनात एक चपरासी ने अपनी तीन बीबियों, सास और सालियों के साथ मिलकर साढ़े पांच लाख के घोटाले को अंजाम दिया. हकीकत सामने आई तो खुद डीआईओएस के पैरों तले जमीन खिसक गई. तत्काल मामले की जानकारी पुलिस को दी गई. इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच करते हुए पूरे मामले का खुलासा किया है. शुक्रवार की शाम पुलिस ने इस घोटाले में शामिल 7 महिलाओं को अरेस्ट कर लिया.

पुलिस के मुताबिक पकड़ी गई महिलाओं में आरोपी इल्हाम उर रहमान शम्सी की तीनों बीवियां, साली और सास के अलावा दो अन्य महिलाएं शामिल हैं. इस मामले में आरोपी की एक बीवी अर्शी खातून को पहले ही जेल भेजा जा चुका है. अब पुलिस घटना से जुड़ी सभी कड़ियों को जोड़ने में जुटी है. इसमें पाया गया है कि डीआईओएस ऑफिस में खेले गए इस घोटाले का पैसा पूरी तरह एक नेटवर्क में घुमाया गया है. वारदात का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि आरोपी चपरासी बीसलपुर स्थित जनता टेक्निकल इंटर कॉलेज में तैनात था, लेकिन उसे पिछले दिनों DIOS कार्यालय से अटैच कर दिया गया था.

ऐसे किया घोटाला

इस चपरासी को डीआईओएस ऑफिस में वेतन बिल और टोकन जनरेशन की जिम्मेदारी मिली थी, लेकिन इसने सिस्टम में पोल ढूंढ ली और इसका नाजायज फायदा उठाते हुए अपने रिश्तेदारों के नाम फर्जी बेनिफिशियरी आईडी बनाकर सरकारी पैसे को ट्रांसफर करने लगा. आरोपी ने बीते दो साल में अपने रिश्तेदारों के नाम कुल 98 ट्रांजेक्शन किए. उसने पहले यह रकम अपनी पत्नियों के खातों में भेजा, फिर नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों के खातों में ट्रांसफर किए.

53 संदिग्ध खातों में गया पैसा

पुलिस को शिकायत महज 1 करोड़ रुपये के घोटाले की मिली थी, लेकिन पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो अब साढ़े 5 करोड़ का घोटाला सामने आ चुका है. घोटाले की रकम 53 संदिग्ध खातों में भेजी गई है. इसलिए इन सभी खातों को फ्रीज कर दिया गया है. पुलिस के मुताबिक आरोपी की दूसरी पत्नी लुबना के खाते में करीब 2.37 करोड़, तीसरी पत्नी आजरा खान के खाते में करीब 2.12 करोड़, साली फातिमा के खाते में करीब 1.03 करोड़ और आफिया के खाते में 80 लाख, सास नाहिद के खाते में करीब 95 लाख, परवीन खातून के खाते में 48 लाख और आशकारा परवीन के खाते में 38 लाख रुपये फ्रीज कराए गए हैं.

प्रापर्टी में लगाया घोटाले का पैसा

पुलिस के मुताबिक आरोपी ने बड़ी चालाकी से पैसों का ट्रांजेक्शन किया है. उसने हर खाते में लाखों-करोड़ों रुपये भेजे. कोशिश किया कि किसी को शक भी ना हो और पैसा भी सुरक्षित रहे. यही नहीं, पैसों का ट्रांजेक्शन करने के बाद आरोपी ने घोटाले की रकम का बड़ा हिस्सा प्रापर्टी में निवेश किया है. पुलिस का मानना है कि इतना बड़ा घोटाला बिना अंदरूनी मदद के संभव है या नहीं. ऐसे में अब DIOS कार्यालय, वित्त और कोषागार से जुड़े अधिकारियों की भूमिका पर भी उंगलियां उठ रही हैं. शासन स्तर पर जांच टीम बनी, लेकिन अब तक किसी अधिकारी पर कार्रवाई नहीं हुई.

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