जनगणना में लगी ड्यूटी तो ठप हुई पढ़ाई, विरोध में उतरे टीचर्स; प्रशासन से टकराव की नौबत

उत्तर प्रदेश में शिक्षकों की जनगणना ड्यूटी से शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है. हजारों स्कूल बंद, पढ़ाई ठप, 'स्कूल चलो अभियान' व मिड-डे मील प्रभावित हुए हैं. बेसिक शिक्षा अधिकारी व शिक्षक संघ विरोध में उतर आए हैं, प्रशासन से शिक्षकों को जनगणना से मुक्त कर अन्य विभागों के कर्मचारियों को लगाने की मांग कर रहे हैं, जिससे छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहे.

भारत की जनगणना 2027 Image Credit:

उत्तर प्रदेश समेत समूचे देश में जनगणना की तैयारियां तेज हो गई हैं. इसके लिए कर्मचारियों की ड्यूटी, ट्रेनिंग आदि का काम अंतिम दौर में है. हालांकि उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में इसकी भारी कीमत चुकाई जा रही है. मकान सूचीकरण और गणना के लिए हजारों शिक्षकों को प्रगणक व पर्यवेक्षक बनाकर तैनात कर दिया गया है, जिसके कारण कई स्कूल पूरी तरह बंद हो गए हैं. पढ़ाई ठप होने के साथ ही स्कूल चलो अभियान, नए छात्रों का पंजीकरण और मिड-डे मील (MDM) वितरण भी प्रभावित हो रहा है.

फर्रुखाबाद के बेसिक शिक्षा अधिकारी ने जिले में बनी इस गंभीर स्थिति को लेकर जिलाधिकारी को पत्र लिखा है. इसमें कहा गया है कि सभी शिक्षकों और कर्मचारियों को जनगणना में लगा दिए जाने से विद्यालय बंद हो गए हैं. बीएसए ने प्रधानाध्यापकों को इस ड्यूटी से मुक्त करने की मांग की है, ताकि स्कूलों का कार्य सुचारू रूप से चल सके. इसी तरह बरेली और उन्नाव समेत कई अन्य जिलों के बीएसए ने भी डीएम और जिला प्रशासन को पत्र लिखकर चिंता जताई है. लिखा है कि पूरे स्टाफ की ड्यूटी जनगणना में लग जाने से न सिर्फ पढ़ाई ठप हो गई है.

शिक्षकों ने खोला मोर्चा

उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा ने हालात को देखते हुए मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधा. कहा कि पहले शिक्षकों को लगभग एक साल तक एसआईआर में लगाया गया, फिर बोर्ड परीक्षाओं में. इसके बाद परीक्षाओं के लिए महज दस दिन का समय दिया गया. अब नया सत्र शुरू हो रहा है, सर्व शिक्षा अभियान और स्कूल चलो अभियान चल रहे हैं, लेकिन शिक्षकों को जनगणना में झोंक दिया गया.

रखी ये मांग

प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा ने मांग की कि जनगणना कार्य में अन्य विभागों के कर्मचारियों को ड्यूटी पर लगाकर शिक्षकों को इससे मुक्त किया जाना चाहिए. कई कम मानदेय वाले कर्मचारी स्वयं इस ड्यूटी के लिए तैयार भी हैं. जनगणना की प्रक्रिया के तहत अप्रैल के अंतिम सप्ताह में अधिकांश जिलों में शिक्षकों का व्यापक प्रशिक्षण आयोजित किया गया. सुबह से शाम तक चले इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के कारण स्कूलों में उपस्थिति शून्य रही. अब मकानों की गणना शुरू हो गई है, जिससे समस्या और बढ़ गई है.

Follow Us