‘आज नहीं मार सके तो कभी नहीं’…. दिवाली की आड़ में ऐसे रचा गया अमित उर्फ काला का मर्डर प्लान
सहारनपुर के अमित उर्फ काला मर्डर केस में एक बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने अमित के मर्डर का प्लान पहले ही बना लिया था. दिवाली की रात उससे कहासुनी महज एक दिखावा था ताकि अमित को ठिकाने लगाया जा सके.
दिवाली की जगमगाती रात में जब पूरा सहारन खुशियों में डूबा हुआ था. उस समय सरसावा इलाके में एक खौफनाक प्लान चल रहा था. यहां के राधास्वामी कॉलोनी में रहने वाले अमित उर्फ काला की दिवाली की रात ही लोहे की रॉड और सरिए से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी.
इस जघन्य वारदात ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया. इलाके के लोगों में आक्रोश फैल गया था. BKU प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत भी मृतक अमित उर्फ काला के घर पहुंचे थे. उन्होंने इस हत्याकांड पर पुलिस से नाराजगी दिखाई थी. फिलहाल, पुलिस ने इस हत्याकांड का लगभग खुलासा करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. फिलहाल, 3 फरार चल रहे आरोपियों की तलाश जारी की जा रही है.
पुलिस की जांच में ये बात आई सामने
पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या की पूरी साजिश पेशे से वकील सुमित बोध पुत्र शीशपाल ने रची थी. सुमित ने अपने साथियों आदर्श, ईशु, परगत और अर्जुन मोगा के साथ मिलकर अमित को रास्ते से हटाने की योजना बनाई थी. सुमित की अमित से पुरानी रंजिश थी. वह अमित को ठिकाने लगाने के लिए कई दिनों से मौके की तलाश में था. दिवाली से एक दिन पहले सुमित ने अपने साथियों को बुलाकर कहा था “दिवाली की रात पटाखों के शोर में किसी को कुछ सुनाई नहीं देगा, यही मौका है अमित से बदला लेने का”.
दिवाली की रात इस बहाने अमित उर्फ काला को घेरा
तय योजना के मुताबिक दिवाली की रात करीब साढ़े दस बजे सभी आरोपियों ने अमित से झगड़ा करने के बहाने उसे घेर लिया था. फिर जैसे ही उन्हें मौका मिला, उन्होंने अचानक हमला बोल दिया. लोहे की रॉड कटर और सरिए से वार करते हुए उन्होंने कुछ ही मिनटों में अमित की को बुरी तरह घायल कर दिया. अमित को हायर सेंटर भेजा गया जहां उसकी मौत हो गई थी. आसपास के लोग पटाखों के शोर में कुछ नहीं सुन सके और आरोपी मौके से फरार हो गए.
हत्या में इस्तेमाल लोहे की रॉड बरामद
वारदात के बाद पुलिस ने जब जांच शुरू की तो पहले दो आरोपी आदर्श और सुमित बोध को गिरफ्तार किया गया. दोनों से हुई पूछताछ में कई हैरान करने वाले खुलासे हुए. आदर्श ने बताया कि सुमित ने ही हत्या की योजना बनाई थी और कहा था कि “अगर इस बार मौका चूक गए तो दुश्मनी अधूरी रह जाएगी”. वारदात में इस्तेमाल की गई लोहे की रॉड और काली स्प्लेंडर बाइक पुलिस ने बरामद की है.
3 आरोपी मुठभेड़ में हुए गिरफ्तार
इस बीच सरसावा और नकुड़ पुलिस की टीमों ने सोमवार सुबह संयुक्त अभियान चलाकर फरार चल रहे तीन शातिर अपराधियों ईशु, परगत और अर्जुन मोगा को मुठभेड़ के दौरान पकड़ लिया. पुलिस के अनुसार तीनों बदमाशों ने गिरफ्तार होने से पहले फायरिंग की थी, जिसमें जवाबी कार्रवाई में उनके पैरों में गोली लगी. उन्हें घायल अवस्था में अस्पताल भेजा गया है. पुलिस ने तीनों के कब्जे से तमंचे, कारतूस, बिना नंबर की बाइकें और हत्या में इस्तेमाल लोहे के औजार (कटर और दांव) बरामद किए हैं.
एसएसपी ने क्या बताया?
तीनों ही आरोपी दस-दस हजार रुपये के इनामी घोषित थे. इनके खिलाफ आधा दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं. एसएसपी आशीष तिवारी ने बताया कि अब तक पांच आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं और तीन अन्य की तलाश जारी है. “पुलिस लगातार कॉम्बिंग कर रही है, सभी फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा. अपराधियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई होगी. किसी भी कीमत पर अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा.”