‘उनके हाथों मरने के बजाय मैं खुद…’ आशुतोष ब्रह्मचारी ने दी सुसाइड की धमकी, SP को बताया शंकराचार्य का शिष्य

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले में आशुतोष ब्रह्मचारी ने आत्महत्या की धमकी देकर सनसनी फैला दी है. उनका आरोप है कि GRP SP प्रशांत वर्मा शंकराचार्य के शिष्य होने के कारण मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कर रहे और आरोपियों को बचा रहे हैं. ब्रह्मचारी ने हमले की निष्पक्ष जांच और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की है. चेतावनी दी कि ऐसा न होने पर वे सुसाइड कर लेंगे.

आशुतोष ब्रह्मचारी (फाइल फोटो)

ज्योतिष पीठाधीश्वर और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराकर सुर्खियों में आए आशुतोष ब्रह्मचारी ने सुसाइड की धमकी देकर सनसनी फैला दी है. उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस में आरोप लगाया कि उनके ऊपर हुए हमले की ठीक से जांच नहीं हो रही है. यहां तक कि उनका मुकदमा भी ठीक से दर्ज नहीं किया गया और ना ही नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है. ऐसे में उनकी जान का खतरा बढ़ गया है. आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा कि उनके हाथों मरने से तो बढ़िया है कि वह खुद सुसाइड कर लें.

उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यदि उनके मुकदमे की निष्पक्ष जांच नहीं होती और आरोपियों को सजा नहीं मिलती तो वह सुसाइड कर लेंगे. उन्होंने इस संबंध में एक प्रेसनोट भी जारी किया है. बताया कि चलती ट्रेन में उनके ऊपर हमला हुआ था. उस समय वह गाजियाबाद से रीवा एक्सप्रेस में सवार होकर प्रयागराज आ रहे थे. उनकी नाक और कान पर हमला हुआ. गनीमत रही कि वह टॉयलेट में बंद होकर अपनी जान बचाने में सफल हो गए.

जीआरपी के एसपी पर आरोप

आशुतोष ब्रह्मचारी ने बताया कि प्रयागराज पहुंच कर उन्होंने जीआरपी में शिकायत दी थी. जीआरपी ने नामजद FIR के बाद मेडिकल भी कराया, लेकिन शिकायत नामजद होने के बावजूद अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है. उनके बयान को भी ठीक से दर्ज नहीं किया. उन्होंने जीआरपी पर शंकराचार्य के प्रभाव का आरोप लगाया. कहा कि जीआरपी के एसपी प्रशांत वर्मा शंकराचार्य के शिष्य हैं और शंकराचार्य के इशारे पर ही मामले को रफा-दफा करने की कोशिश कर रहे हैं.

निष्पक्ष अधिकारी को मिले जांच

आशुतोष ब्रह्चारी ने मामले की जांच किसी निष्पक्ष अधिकारी से कराने की मांग की. उन्होंने सुरक्षा का खतरा बताते हुए चेतावनी दी कि उन्हें कुछ भी हुआ तो इसके लिए जिम्मेदार जीआरपी के एसपी प्रशांत वर्मा होंगे. उन्होंने मामले की जांच निष्पक्ष नहीं हुई तो वह शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद, अखाड़ा परिषद अध्यक्ष रविंद्रपुरी, दिवेश शर्मा (मथुरा), जीआरपी प्रयागराज के एसपी और प्रयागराज के मुख्य चिकित्सा अधिकारी का नाम एक पत्र में लिखकर सुसाइड कर लेंगे.

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