कहानी IPS अजयपाल शर्मा की… जहां पहुंचे, वहीं विवाद; चाहे प्रयागराज हो या बंगाल

प्रयागराज में जॉइंट सीपी आईपीएस अजयपाल शर्मा एक बार फिर सुर्खियों में हैं. 'एनकाउंटर स्पेशलिस्ट' की पहचान वाले इस आईपीएस का विवादों से पुराना नाता है. हाल ही में बंगाल चुनाव में ऑब्जर्वर रहते उनका एक वीडियो सोशल मीडिया में खूब वायरल हुआ, जिसमें वे टीएमसी उम्मीदवार को धमकाते दिखे. इनकी पोस्टिंग चाहे शामली में रही या फिर गाजियाबाद, नोएडा व रामपुर में, हर जगह विवाद जरूर हुआ.

आईपीएस डॉ. अजयपाल शर्मा Image Credit:

उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित IPS डॉ. अजय पाल शर्मा का विवादों से पुराना नाता है. इस समय वह पश्चिम बंगाल के चुनाव में ऑब्जर्वर बनकर गए हैं. वहां से उनका एक वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में वह तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के उम्मीदवार जहांगीर के घर में घुसकर धमका रहे हैं. चूंकि यह इलाका टीएमसी चीफ ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी का गढ़ माना जाता है, इसलिए सोशल मीडिया में वायरल इस वीडियो पर तो बवाल होना ही था. इस खबर में आगे बढ़ने से पहले आईपीएस अजयपाल शर्मा का बैक ग्राउंड समझ लेते हैं-

मूल रूप से लुधियाना पंजाब के रहने वाले डॉ. अजय पाल शर्मा 2011 बैच के आईपीएस हैं. उनकी गिनती उत्तर प्रदेश पुलिस के उन टॉप-10 अफसरों में होती है, जिन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बेहद भरोसेमंद माना जाता है. इस समय उनकी पोस्टिंग प्रयागराज पुलिस कमिश्नरेट में जॉइंट सीपी के तौर पर है. एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के रूप में पहचाने जाने वाले अजयपाल शर्मा को चुनाव आयोग ने बंगाल चुनाव में पर्यवेक्षक बनाया है. उनके बैक ग्रांउड को ध्यान में रखते हुए ही उन्हें बंगाल का सबसे संवेदनशील इलाका माने जाने वाले 24 परगना क्षेत्र में भेजा गया है.

हर समय एक्शन मोड में रहते हैं अजयपाल

अजयपाल शर्मा को लेकर पुलिस महकमे में कई कहानियां कानोंकान वायरल है. इसमें उनके 100 से अधिक एनकाउंटर की कहानी तो है ही, उन्हें हर समय एक्शन मोड में रहने की भी कहानी है. दो दर्जन से अधिक खूंखार अपराधियों को जेल की हवा खिला चुके डॉ. अजयपाल शर्मा के फिटनेस की भी काफी चर्चा होती है. वह अक्सर काला चश्मा पहनकर निकलते हैं और हर छोटी-बड़ी घटना पर खुद मौके पर पहुंचते हैं. इस आदत की वजह से उन्हें ‘सिंघम’ भी कहा जाता है.

विवादों में रहने की पुरानी आदत

डॉ. अजयपाल शर्मा को पहली पोस्टिंग उत्तर प्रदेश के शामली में मिली थी. इसके बाद वह गाजियाबाद, नोएडा, जौनपुर और रामपुर में भी तैनात रहे. इन सभी तैनातियों में उन्होंने ताबड़तोड़ एनकाउंटर किए. शामली में पोस्टिंग के दौरान उनके ऊपर फर्जी एनकाउंटर के आरोप लगे. वहीं रामपुर में पोस्टिंग के दौरान उन्होंने सपा के दिग्गज आजम खान से पंगा लिया. फिर नोएडा में पोस्टिंग मिली तो बार-बालाओं के साथ कथित तौर पर डांस का वीडियो वायरल हो गया. यही वीडियो टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने अरकाइव से उठाकर अब ट्वीट किया है. हालांकि इस मामले की एसआईटी जांच में उन्हें क्लीनचिट मिल चुकी है. वहीं बंगाल का वीडियो आने के बाद सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने उन्हें बीजेपी का एजेंट बताया है.

काफी चर्चित रहा वैभव कृष्ण से विवाद

गाजियाबाद पोस्टिंग के दौरान उनकी नोएडा के तत्कालीन एसएसपी वैभव कृष्ण से ठन गई. इनके खिलाफ वैभव कृष्ण ने सारे मोर्चे खोल दिए. इसके बाद एसआईटी जांच हुई और कई साल तक इन्हें साइडलाइन रहना पड़ा. कहा जाता है कि दोनों अफसरों के विवाद में खुद सीएम योगी ने हस्तक्षेप किया और मामले का पटाक्षेप हुआ. फिर इन्हें प्रयागराज में जॉइंट सीपी बनाया गया. वहां ये शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से भिड़ गए. इसके बाद शंकराचार्य ने तो बकायदे इनका नाम लेकर गंभीर आरोप लगाए थे.

बंगाल चुनाव में तैनाती पर भी उठे सवाल

अजय पाल शर्मा की पश्चिम बंगाल चुनाव में तैनाती पर भी सवाल उठे. टीएमसी से लेकर सपा तक… सभी राजनीतिक दल इनकी तैनाती पर सवाल उठा ही रहे थे कि टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान के घर का वीडियो वायरल हो गया. दरअसल, अजयपाल शर्मा ने उस इलाके में जाकर टीएमसी उम्मीदवार को धमकी दी है, जिसे टीएमसी का गढ़ और अभिषेक बनर्जी का अभेद्य किला माना जाता है. बता दें कि यह वही इलाका है, जहां बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्‌डा पर पत्थरबाजी हुई थी.

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