खुद को कैसे बता रहे हैं शंकराचार्य? प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को भेजा नोटिस

प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को एक नोटिस जारी किया है. नोटिस मे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से 24 घंटे में जवाब मांगा गया है. प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामले का हवाला देते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से पूछा है कि आप खुद को शंकराचार्य कैसे बता रहे हैं.

प्रयागराज में धरने पर बैठे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद

मौनी अमावस्या पर स्नान के दौरान ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को रोके जाने का मामला तूल पकड़ते ही जा रहा है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती तीन दिन बाद भी शिविर के बाहर पालकी पर धरने के लिए बैठे हुए हैं. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अधिकारियों पर शिष्यों से मारपीट का आरोप लगाया था. इसके बाद उन्होंने स्नान से भी मना कर दिया था

अब मंगलवार यानी 20 जनवरी की देर रात प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को एक नोटिस जारी कर दिया है. नोटिस जारी कर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से 24 घंटे में जवाब मांगा गया है. नोटिस में सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन ब्रह्मलीन ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती और स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती के लंबित मुकदमे का जिक्र किया गया है. यह नोटिस प्रयागराज मेला प्राधिकरण के उपाध्यक्ष की ओर से जारी किया गया है.

प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का दिया हवाला

प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामले का हवाला दिया है. प्रशासन ने नोटिस में अविमुक्तेश्वरानंद से पूछा है कि वो कैसे खुद को शंकराचार्य बता रहे हैं. फिलहाल, प्रशासन ने अविमुक्तेश्वरानंद को शंकराचार्य मानने से इनकार कर दिया है. असल में ज्योतिषपीठ शंकराचार्य पद का हकदार कौन है, इसको लेकर मामला कोर्ट में विचाराधीन है. इस मामले में सभी पक्ष खुद को असली शंकराचार्य बताते रहे हैं.

प्रशासन ने नोटिस में सुप्रीम कोर्ट के उस टिप्पणी का जिक्र किया है. इसमें कहा गया है कि जब तक ज्योतिष्पीठ शंकराचार्य का असल वारिस के मामले का निस्तारण नहीं हो जाता या कोई अग्रिम आदेश प‌ट्टाभिषेक के मामले में पारित नहीं होता, तब तक कोई भी धर्माचार्य ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य के तौर पर सुशोभित नहीं हो सकता.

प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर का फोटो भी अटैच किया

ऐसे में प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने अपने नोटिस कहा है कि माघ मेला प्रयागराज 2025-26 में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपने शिविर में लगाए गए बोर्ड पर स्वयं को ज्योतिषपीठ का शंकराचार्य बता रहे हैं. ये सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना है. अब मेला प्राधिकरण ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से 24 घंटे के अंदर जवाब मांगा है. उन्होंने कहना है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद खुद शंकराचार्य शब्द का प्रयोग या फिर ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य के तौर पर प्रचारित या प्रसारित किस आधार पर कर रहे हैं. साथ ही प्रशासन ने नोटिस में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर में लगाए गए बोर्ड के फोटो भी अटैच किए हैं.