वो सबसे शरीफ था, लालच में उसी ने मां-बाप और बहन की ले ली जान; फिर खुद कैसे मारा गया?
प्रयागराज के सनसनीखेज चौहरे हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा किया है. बेटे अभिषेक ने ही संपत्ति के लालच में अपने माता-पिता और बहन की बेरहमी से हत्या की थी. बाद में लूट के माल के बंटवारे को लेकर हुए विवाद में उसके दोस्त शनि गुप्ता ने अभिषेक को भी मौत के घाट उतार दिया. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी का सारा माल बरामद कर लिया है.
उत्तर प्रदेश के संगम नगरी प्रयागराज में चौहरे हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है. मंगलवार की दोपहर शहर के साउथ मलाका स्थित एक मकान में एक दंपत्ति और उनके बेटे और बेटी का शव मिला था. चारों के सिर बुरी तरह से कुचले गए थे. सूचना पर पहुंची पुलिस की प्राथमिक जांच में ही यह साफ हो गया था कि वारदात लूटपाट के लिए हुई है, लेकिन अब पुलिस ने दावा किया है कि यह वारदात किसी और ने नहीं, बल्कि इस परिवार के सबसे शरीफ बेटे अभिषेक ने ही की है.
वहीं बाद में लूट की संपत्ति के बंटवारे के विवाद में वह खुद भी अपने दोस्त के हाथों मारा गया. पुलिस ने अभिषेक के साथी और उसके हत्यारोपी दोस्त शनि गुप्ता को मटियारा रोड के पास से अरेस्ट किया है. आइए, अब इस वारदात के पीछे की कहानी बताते हैं. दरअसल साउथ मलाका में रहने वाले वीरेंद्र वैश्य का दो मंजिल का मकान है. ऊपर वो लोग खुद रहते थे और नीचे वाले हिस्से में 14 दुकानें बनाकर किराए पर उठा दिया था. इससे उन्हें एक लाख रुपये से अधिक की हर महीने आय होती थी.
पिता की संपत्ति पर थी बेटे की नजर
पुलिस की थ्यौरी के मुताबिक पिता वीरेंद्र वैश्य के दो बेटे थे, इनमें से बड़ा बेटा जेल में है. जबकि दूसरा अभिषेक था. इसे परिवार का सबसे शरीफ बेटा कहा जाता था. वीरेंद्र अपनी संपत्ति दोनों बेटों को देना चाहते थे, लेकिन अभिषेक पूरी संपत्ति पर खुद कब्जा करना चाहता था. इसलिए उसने अपने दोस्त मटियारा रोड के रहने वाले शनि गुप्ता की मदद ली और अपने माता-पिता व बहन की लोहे के रॉड से वार कर हत्या कर दी. इसके बाद घर में रखे सारे जेवरात लूट लिए. इसमें एक किलो से अधिक सोने के व करीब आधा किलो चांदी के जेवर शामिल थे.
फिर हुआ बंटवारे का विवाद
घर में तीन हत्याओं के बाद अभिषेक ने सबूत मिटाने की कोशिश की और पूरा मामला अपने बड़े भाई और भाभी पर डालने का प्रयास किया. फिर लूट का माल समेट कर अपनी दुकान में आए. यहां अभिषेक ने कोशिश की कि चांदी के जेवर अपने दोस्त को दे दे और सोने के जेवर खुद रख ले. इसी बात पर झगड़ा और शनि गुप्ता ने उसी लोहे के रॉड से अभिषेक की भी हत्या कर दी और सारा माल समेट कर फरार हो गया.
ऐसे हुआ खुलासा
प्रयागराज पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार के मुताबिक आरोपियों ने वारदात रविवार को अंजाम दिया, लेकिन मंगलवार को शवों से बदबू उठने पर पड़ोसियों को पता चला और फिर मौके पर पुलिस पहुंची. पुलिस ने मामले की जांच करते हुए महज 24 घंटे के अंदर आरोपी शनि गुप्ता को अरेस्ट करते हुए लूट का माल बरामद कर लिया है. पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने पूरी वारदात का खुलासा कर दिया है. पुलिस ने आरोपी को घटनास्थल पर ले जाकर निशानदेही भी कराई है. इस मामले में लापरवाही बरतने पर संबंधित चौकी इंचार्ज समेत दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है.
सामने आई वारदात की कहानी
योजना के मुताबिक रविवार की रात अभिषेक वैश्य के बुलावे पर शनि गुप्ता लोहे का रॉड लेकर उसके घर पहुंच गया था. पहले दोनों ने दुकान में बैठकर बीयर पी और फिर ऊपर गए. जहां पहले अभिषेक की बहन मीनाक्षी दिखी तो शनि गुप्ता ने रॉड से एक ही वार में उसे मौत की नींद सुला दिया. इसके बाद अभिषेक के पिता वीरेंद्र और मां नजर आए तो दोनों ने उन्हें भी मार डाला. इसके बाद बड़े इत्मीनान से दोनों ने पूरे घर में लूटपाट की और नगदी जेवर समेट कर वापस दुकान में आ गए. जहां लूट के माल के बंटवारे को लेकर इनके बीच झगड़ा हुआ तो शनि ने अभिषेक को भी मार डाला.
ऐसे खुला राज
पुलिस के मुताबिक वीरेंद्र का पास पड़ोस के लोगों से ज्यादा मेल-जोल नहीं था. इसलिए पड़ोसी भी इनके घर की ओर ज्यादा ध्यान नहीं देते थे. ऐसे में पड़ोसियों से पूछताछ में पुलिस को कुछ नहीं मिला. इसी दौरान सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस टीम को एक युवक नजर आया, जो वीरेंद्र के जूते पहन कर झोला लेकर उनके घर से निकलता नजर आया. पुलिस ने इसकी पहचान कराई तो पता चला कि यह शनि गुप्ता है. फिर पुलिस ने इसे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो वारदात का खुलासा हो गया.