कौन हैं आरपी यादव, जिसे आदित्य हत्याकांड में हुई उम्र कैद? सपा के टिकट पर 2 बार लड़ चुके विधानसभा

रायबरेली के सपा नेता आरपी यादव को 2019 के आदित्य हत्याकांड में उम्रकैद की सजा मिली है. वह दो बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं. इस फैसले को योगी सरकार की साजिश बताते हुए, यादव ने हाईकोर्ट जाने और न्याय मिलने पर फिर से चुनाव लड़ने की बात कही है. इस मामले में 13 अन्य दोषियों को भी उम्रकैद हुई है, जबकि दो बरी हुए.

सपा नेता आरपी यादव को उम्रकैद Image Credit:

उत्तर प्रदेश में रायबरेली में सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष व दो बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके आरपी यादव को उम्रकैद की सजा हुई है. रायबरेली की जिला अदालत ने 2019 के बहुचर्चित आदित्य हत्याकांड में उन्हें यह सजा सुनाई. उनके साथ सोमू ढाबा मालिक सुरेश यादव, उसके बेटे आर्किट यादव उर्फ सोमू, भाई रमेश यादव, ढाबा कर्मचारी लवकुश तिवारी, हर्षित वर्मा, आरपी यादव, सौरभ और मानू बारी समेत 13 अन्य दोषियों को भी उम्रकैद की सजा सुनाई गई है. जबकि साक्ष्य के अभाव में कोर्ट ने दो आरोपियों रामकृष्ण यादव और अभितेज प्रताप सिंह को बरी कर दिया है.

कोर्ट में सजा सुनाए जाने के बाद आरपी यादव ने योगी सरकार पर हमला बोला. कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की साजिश की वजह उन्हें यह सजा हुई है, लेकिन वह इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगे. उन्हें पूरी उम्मीद है कि हाईकोर्ट से न्याय मिलेगा और वह छूटने के बाद फिर से चुनाव लड़ेंगे. इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 13 गवाह अदालत में पेश किए गए. लंबी सुनवाई, गवाहियों और कानूनी प्रक्रिया के बाद अदालत ने अब 14 अभियुक्तों को हत्या के मामले में दोषी माना है.

कौन हैं आरपी यादव

आरपी यादव रायबरेली की राजनीति में समाजवादी पार्टी से जुड़े प्रमुख चेहरों में रहे हैं. वह सदर विधानसभा सीट से सपा के टिकट पर दो बार चुनाव भी लड़ चुके हैं. उनकी यादव समाज के बीच अच्छी राजनीतिक पकड़ मानी जाती है. उनकी सपा मुखिया अखिलेश यादव और शिवपाल यादव से करीबी भी अक्सर राजनीतिक हल्के में चर्चा का विषय बनती है. आरपी यादव का नाम इसलिए भी चर्चा में रहा है कि उन्होंने रायबरेली सदर सीट से सपा के टिकट पर पहले पूर्व विधायक अखिलेश सिंह और फिर उनकी बेटी अदिति सिंह को चुनौती दी थी.

इस मामले में हुई सजा

अभियोजन के मुताबिक 9 अक्टूबर 2019 की रात सोमू ढाबे में खाना खाने आए महराजगंज क्षेत्र के रहने वाले डी फार्मा के छात्र रवि उर्फ आदित्य का विवाद हो गया था. देखते ही देखते यह विवाद हिंसक रूप ले लिया और आदित्य की हत्या कर दी गई. यह हत्याकांड काफी समय तक सुर्खियों में रहा था. करीब सात वर्ष बाद आए इस फैसले से पीड़ित परिवार को न्याय मिला है. अदालत के फैसले के बाद अब इस बहुचर्चित मामले में दोषियों को मिली उम्रकैद की सजा और आरपी यादव की राजनीतिक भूमिका को लेकर रायबरेली के सियासी गलियारों में चर्चा तेज हो गई है.

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