राहुल गांधी पर आय से अधिक संपत्ति के आरोप, HC ने CBI-ED को जांच का दिया निर्देश
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के आरोपों पर CBI और ED को प्रारंभिक जांच का निर्देश दिया है. कोर्ट ने दोनों एजेंसियों से आठ हफ्तों में जवाब दाखिल करने को कहा है. कर्नाटक के एक कार्यकर्ता द्वारा दायर याचिका में राहुल और उनके परिवार पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है.
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ लगाए गए आय से अधिक संपत्ति के मामले में सुनवाई की. साथ ही आरोपों की प्रारंभिक जांच के लिए CBI और ED को निर्देश दिया है. कोर्ट ने दोनों एजेंसियों से आठ हफ्तों के अंदर जवाब दाखिल करने को कहा है. साथ ही कहा कि आरोपों पर हमारी अभी कोई राय नहीं है.
इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस राजेश सिंह चौहान और जज जफीर अहमद की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया. कर्नाटक बीजेपी कार्यकर्ता एस विग्नेश शिशिर ने राहुल गांधी के खिलाफ याचिका दायर की थी. याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और उनके परिवार ने अपनी घोषित आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की है.
8 हफ्तों में जवाब दाखिल करने का निर्देश
सुनवाई के दौरान बेंच ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह आरोपों की सच्चाई पर अभी कोई राय नहीं रखती. बेंच ने कहा कि मामला शुरुआती चरण में है. सुनवाई में CBI और ED ने कोर्ट को बताया कि शिकायत मिल चुकी है और वे मामले में अपना जवाब दाखिल करेंगे. कोर्ट ने कहा कि शिकायत पर कानून के अनुसार जांच होनी चाहिए. अन्य एजेंसियों को भी शामिल किया.
याचिकाकर्ता ने DOP&T, वित्त मंत्रालय, कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय और SFIO (Serious Fraud Investigation Office) को भी मामले में पक्षकार बनाने की मांग की थी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया. कोर्ट ने सभी संबंधित पक्षों को आठ हफ्तों के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई 2026 को होगी.
ऐसे में राहुल गांधी की बढ़ सकती हैं मुश्किलें
इससे पहले 7 मई को याचिकाकर्ता एस विग्नेश शिशिर ने राहुल गांधी के खिलाफ सीबीआई से विस्तृत जांच और नियमित मामला दर्ज करने की मांग की थी. साथ ही निष्पक्ष जांच के लिए याचिका में CBI, ईडी, आयकर विभाग, गृह मंत्रालय और एसएफआईओ को भी पक्षकार बनाया था. याचिकाकर्ता ने अदालती रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने की भी मांग की थी.
गांधी परिवार पर लंबे समय से आय को लेकर निशाना बनाता जा रहा है, अब हाईकोर्ट ने CBI को इन आरोपों की जांच करने का आदेश दिया है. ऐसे में राहुल गांधी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं और उन्हें अपनी आय को लेकर सबूत पेश करने पड़ सकते हैं. इससे पहले ही राहुल गांधी दोहरी नागरिकता मामले में सुलतानपुर एमपी/एमएलए कोर्ट के चक्कर लगा रहे हैं.