आजादी के केवल एक दिन! दोनों पत्नियों संग 3-3 दिन रहेगा पति, सुर्खियों में पंचायत का फैसला

रामपुर, उत्तर प्रदेश में एक युवक दो शादियों के चलते अजीब मुश्किल में पड़ गया है. दोनों पत्नियों के दावे पर हुई पंचायत ने अनोखा फैसला सुनाया. तय हुआ कि युवक हफ्ते में तीन-तीन दिन दोनों पत्नियों के साथ रहेगा, और एक दिन अपनी मर्जी से बिताएगा. साथ ही उसे दोनों का भरण-पोषण भी करना होगा. यह निर्णय पूरे इलाके और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है.

इमेज सोर्स: AI

उत्तर प्रदेश के रामपुर में दो-दो शादियां करने वाला एक युवक अजीब मुश्किल में फंस गया है. दोनों पत्नियाों ने इस युवक पर दावा किया. मामला पुलिस तक पहुंचा. फिर पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्ष के लोगों की पंचायत हुई और तय हुआ कि युवक को हफ्ते में तीन-तीन दिन दोनों पत्नियों के साथ रहना होगा. वहीं बाकी बचे एक दिन वह अपनी मर्जी से जहां चाहे रह सकता है. इसी के साथ युवक पर दोनों पत्नियों के भरण पोषण का पूरा खर्च उठाने के निर्देश दिए गए हैं.

पंचायत का यह फैसला ना केवल पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना है, बल्कि इसी चर्चा सोशल मीडिया में भी खूब हो रही है. कोई युवक को बेचारा बता रहा है तो कोई उसके दोनों हाथ घी में बता रहा. मामला दढ़ियाल चौकी क्षेत्र का है. पुलिस के मुताबिक यहां रहने वाले युवक ने दो शादियां की है. पहली शादी उत्तराखंड की एक युवती से 14 साल पहले की थी और इस शादी से उसे उसे दो बेटियां हैं. फिर उसने बेटे की चाहत में चार साल पहले दूसरी शादी कर ली. इस शादी से भी उसे दो बेटियां ही हैं.

फिर क्यों हुआ विवाद?

दूसरी शादी के बाद युवक धीरे-धीरे पहली पत्नी से कटने लगा. यहां तक कि उसके जरूरी खर्चे तक भी देने बंद कर दिए. इस तरह की उपेक्षा से परेशान होकर पहली पत्नी ने थाने में शिकायत दे दी. सोमवार को उसकी शिकायत दढ़ियाल पुलिस चौकी भेज दी गई. जहां पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर उसके पति को तलब कर लिया. इतने में दोनों पत्नियों के पक्ष में कुछ गणमान्य लोग भी पुलिस चौकी पहुंच गए. इन लोगों ने मामले को आपस में सुलझाने का प्रस्ताव रखा. फिर पुलिस की सहमति से चौकी के बाहर ही पंचायत हुई.

पंचायत में ये हुआ फैसला

पंचायत में दोनों पत्नियों ने अपनी अपनी बात रखी और दोनों की दलील पर घंटों मंथन किया गया. आखिर में तय हुआ कि हफ्त्े के तीन युवक पहली पत्नी और दूसरे तीन दिन दूसरी पत्नी के साथ रहेगा. वहीं बाकी एक दिन वह अपनी मर्जी से कहीं भी रह सकता है. इसी के साथ पंचायत ने पहली पत्नी के भरण-पोषण की जिम्मेदारी भी युवक पर डाली. कहा कि हर महीने का राशन समय से देना होगा. पहली पत्नी को व्यक्तिगत खर्चे के लिए भी हर हफ्ते ₹500 अलग से देने होंगे.

Follow Us