2 भाइयों का बिहार में एनकाउंटर, खुद UP में मारा गया; कौन था बदमाश ललन?
बिहार के कुख्यात डकैत ललन सिंह, जो यूपी और बिहार पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था, आखिरकार यूपी एसटीएफ के हाथों सहारनपुर में ढेर हो गया. एक लाख के इनामी ललन ने कई पुलिसकर्मियों की हत्या की थी. बिहार में भाइयों के एनकाउंटर के बाद वह पुलिस का दुश्मन बन गया था और यूपी में शरण लेकर लूटपाट व हत्या की वारदातों को अंजाम दे रहा था. हालांकि यूपी एसटीएफ ने सोमवार की सुबह हुए एनकाउंटर में उसकी आपराधिक कहानी का अंत कर दिया है.
यूपी और बिहार के लिए सिरदर्द बने कुख्यात डकैत ललन सिंह का आखिरकार यूपी एसटीएफ ने चैप्टर ही क्लोज कर दिया है. एक लाख रुपये के इनामी इस बदमाश को यूपी एसटीएफ ने सहारनपुर में घेरकर आमने सामने की फायरिंग में मार गिराया है. इस बदमाश को पुलिस वालों का दुश्मन कहा जाता है. अब तक के आपराधिक जीवन में इस बदमाश ने आधा दर्जन से अधिक पुलिसकर्मियों की हत्या की है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर यह बदमाश है कौन? आइए, इसकी कुंडली खंगालते हैं.
बिहार के समस्तीपुर में थाना मोहिउद्दीन नगर क्षेत्र के आनंदगोलवा गांव में रहने वाले शिव शंकर सिंह के तीन बेटे थे. इनमें ललन सिंह सबसे छोटा था. पुलिस के मुताबिक शिवशंकर के दोनों बड़े बेटे पहले ही अपराध में उतर चुके थे. उन्हें ही देखकर ललन भी गांव में रहकर छोटे मोटे अपराध करता था. हालांकि पहली बार इसके खिलाफ बिहार पुलिस ने पांच साल पहले डकैती का मुकदमा दर्ज किया था. यह मामला पटना जिले के बेलछी स्थित एक बैंक में डकैती का था. यह वारदात ललन के दोनों भाइयों रजनीश कुमार सिंह और मनीष कुमार सिंह ने अंजाम दिया था और इसमें ललन सहयोगी था.
दोनों भाइयों का एनकाउंटर
उस मामले में बिहार पुलिस ने ललन समेत उसके दोनों भाइयों को अरेस्ट किया था और इनकी निशानदेही पर डकैती की रकम भी बरामद कर ली थी. यह रकम इन बदमाशों ने अपने गांव के खेत में जमीन के नीचे छिपा रखी थी. पुलिस ने इस मामले में तीनों को जेल भेज दिया, लेकिन जमानत पर बाहर आने के बाद तीनों फरार हो गए थे. संयोग से कुछ ही दिन बाद ललन के दोनों भाई बिहार पुलिस के हत्थे चढ़ गए और जवाबी कार्रवाई में मारे गए थे. मौत के खौफ से ललन ने उसी समय बिहार छोड़ दिया और यूपी में शरण ले ली थी.
पुलिस का दुश्मन बना ललन
बताया जा रहा है कि भाइयों के एनकाउंटर के बाद ललन पुलिस का दुश्मन बन गया था. कहीं भी वारदात के वक्त पुलिस की वर्दी नजर आते ही यह गोली चलाने लगता था. केवल यूपी में ही इस बदमाश के खिलाफ 7 वर्दी वालों की हत्या का मामला दर्ज है. इसके गांव के पड़ोसियों के मुताबिक भाइयों के एनकाउंटर के बाद से ही ललन गांव में नजर नहीं आया. हालांकि चोरी छिपे यह बदमाश कभी कभार अपने पिता के पास आता था और इसके ही दिए पैसे से उसके पिता का परिवार पलता था.
बनारस और चंदौली में था इनाम
इस बदमाश को उत्तर प्रदेश की वाराणसी और चंदौली पुलिस करीब चार साल से तलाश कर रही थी. वाराणसी में 8 नवंबर 2022 को एक दरोगा को इसने गोली मारकर उसकी सर्विस पिस्टल लूट ली थी. इस मामले में गिरफ्तारी नहीं होने पर पिछले दिनों वाराणसी पुलिस कमिश्नर ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था. इस वारदात से ठीक पहले यानी 1 नवंबर 2022 को इसने चंदौली में डकैती और गोलीबारी को अंजाम दिया था. इस मामले में भी गिरफ्तारी नहीं होने पर 25 हजार का इनाम घोषित किया गया था.
लूट और डकैती मुख्य धंधा
पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस बदमाश ने वाराणसी में अपना गैंग बना लिया था. इसके गैंग के बदमाश रेकी कर लूट और डकैती की वारदातों को अंजाम देते थे. वाराणसी पुलिस के रिकार्ड में ही इस बदमाश के खिलाफ दो सब-इंस्पेक्टरों की हत्या का मामला दर्ज है. इसी प्रकार एक बैंक कैशियर और एक सुरक्षा गार्ड समेत कुल सात लोगों के मर्डर के मुकदमे हैं. इसी प्रकार इसके खिलाफ बैंक डकैती, कैश वैन लूट और सरकारी हथियार लूटने के भी आधा दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं.
ऐसे मारा गया ललन
यूपी एसटीएफ चीफ अमिताभ यश के मुताबिक इस बदमाश की लोकेशन सहारनपुर में मिली थी. संभवत: यह बदमाश यहां किसी वारदात को अंजाम देने आया था. पुलिस ने इसके लोकेशन पर घेराबंदी की तो पता चला कि बाइक पर यह अपने किसी साथी के साथ मौजूद है. पुलिस ने इसे सरेंडर करने को कहा, लेकिन वर्दी देखते ही इसने फायरिंग शुरू कर दी. चूंकि पुलिस इसकी आदत से परिचत थी, इसलिए खुद को बचाते हुए जवाबी फायरिंग की. इसमें यह बदमाश मारा गया, लेकिन इसका साथी भागने में सफल हो गया.