खनन कारोबारियों से रंगदारी मांगने वाला गिरोह बेनकाब, 3 अरेस्ट; हाजी इकबाल से जुड़े तार

सहारनपुर में खनन कारोबारियों से रंगदारी वसूलने वाले एक संगठित गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है. तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ ₹30 लाख नकद बरामद हुए हैं. जांच में सामने आया है कि यह गिरोह पूर्व बसपा MLC हाजी इकबाल से जुड़ा था, जो फिलहाल दुबई में हैं.

सहारनपुर में खनन वसूली गिरोह का पर्दाफाश

सहारनपुर पुलिस ने खनन कारोबारियों को डरा-धमकाकर रंगदारी वसूलने वाले एक संगठित गिरोह का खुलासा किया है. यह गरोह कारोबारियों को धमकाकर उनके कामकाज में बाधा डालने की बात कहते थे, साथ ही डर का माहौल बनाकर मोटी रकम ऐंठते थे. पुलिस ने गिरोर के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनसे ₹30 लाख नकद बरामद हुए हैं.

एसपी देहात मयंक पाठक ने बताया कि गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और खनन कारोबारियों को निशाना बनाकर उनसे जबरन वसूली करता था. कई मामलों में जबरन पार्टनरशिप के लिए दबाव बनाने की भी बात सामने आई है. सबसे अहम खुलासा यह है कि आरोपियों के तार पूर्व बसपा MLC हाजी मोहम्मद इकबाल से जुड़े पाए गए हैं.

दुबई में बैठे हाजी इकबाल तक पहुंचता था पैसा

थाना बेहट पुलिस की कार्रवाई में इस गैंग से जुड़े तीन आरोपियों सुरेन्द्र , प्रिंस और ईश्वर पाल को गिरफ्तार किया गया है. जांच में एक अहम किरदार सुरेंद्र का सामने आया है, जो खुद को समाजसेवी बताता था. पुलिस के अनुसार, वह लगातार डीएम दफ्तर, सीएम पोर्टल और NGT में अवैध खनन की झूठी शिकायतें दर्ज कराकर कारोबारियों पर दबाव बनाता था.

इतना ही नहीं, सुरेंद्र सोशल मीडिया पर खनन से जुड़े वीडियो पोस्ट कर माहौल बनाता था, ताकि स्टोन क्रशर संचालकों पर दबाव बढ़े और उसे पार्टनरशिप या पैसे मिल सकें. पुलिस के अनुसार, गिरोह द्वारा वसूली गई रकम का एक हिस्सा विदेश में बैठे हाजी इकबाल तक पहुंचाया जाता था. हाजी इकबाल पूर्व बसपा MLC रहे हैं, और अभी दुबई में हैं.

पुलिस इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुटी

पूर्व बसपा MLC हाजी इकबाल के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जा चुका है. पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह का नेटवर्क काफी बड़ा है, जिसमें कुछ कथित मीडिया कर्मियों की संलिप्तता भी पाई गई है. इस एंगल पर भी जांच जारी है. गिरफ्तार आरोपियों पर पहले से भी कई मुकदमे दर्ज हैं और वे लंबे समय से इस अवैध गतिविधि में लिप्त थे.

पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों को गिरफ्तार किया है. वहीं, बरामद 30 लाख रुपये अलग-अलग मामलों से जुड़ी रकम बताई जा रही है, साथ ही कुछ अहम दस्तावेज भी मिले हैं. फिलहाल पुलिस गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश में दबिश दे रही है. पुलिस इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुटी हुई है.

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