सहारनपुर: मस्जिद ध्वस्तीकरण पर हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, कमेटी को राहत; सरकार से मांगा जवाब
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सहारनपुर मस्जिद ध्वस्तीकरण मामले में कमेटी को बड़ी अंतरिम राहत दी है. साथ ही राज्य सरकार को तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश मिला है. कमेटी की याचिका पर यह आदेश आया है, अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को होगी.
सहारनपुर जिला कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद के ध्वस्तीकरण से जुड़े मामले में शुक्रवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. मस्जिद कमेटी की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को अंतरिम राहत दी है. साथ ही मस्जिद कमेटी पर लगाए गए हर्जाने की वसूली पर भी फिलहाल रोक लगा दी गई है.
इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की सिंगल बेंच में मामले की सुनवाई हुई. मस्जिद कमेटी की ओर से दाखिल याचिका में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को चुनौती देते हुए मामले में आगे की कार्रवाई नहीं रोक की मांग की गई है. कोर्ट ने राज्य सरकार से जबाव मांगा और तीन सप्ताह के भीतर अपना पक्ष रखने का आदेश दिया है.
जल्दबाजी में ध्वस्तीकरण का लिया गया फैसला
मस्जिद कमेटी की ओर से मुतवल्ली तनवीर अहमद ने शनिवार को हाईकोर्ट में याचिका दाखिल किया था. मस्जिद ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया और उसके आधार को लेकर सवाल उठाए गए हैं. साथ ही प्रशासन में बिना पहले नोटिस के इसे ध्वस्त करने का आरोप है. साथ ही बिजली बिल समेत महत्वपूर्ण दस्तावेजों पर बिना गौर किए जल्दबाजी में फैसला लिया गया.
कमेटी ने राहत की मांग करते हुए संबंधित प्रशासनिक कार्रवाई पर रोक लगाने का आग्रह किया. वहीं, सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और मामले से जुड़े संबंधित पक्षों को तीन सप्ताह में काउंटर एफिडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया है. अब सरकारी पक्ष को इस अवधि के भीतर अपना पक्ष कोर्ट के सामने रखना होगा.
6 करोड़ 41 लाख हर्जाने की वसूली पर भी रोक
हाईकोर्ट ने मस्जिद कमेटी पर लगाए गए हर्जाने की वसूली पर भी फिलहाल रोक लगा दी. सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने 16 जुलाई को परिसर में मस्जिद को अवैध करार देते हुए 30 दिनों के अंदर ध्वस्तीकरण का आदेश दिया था. साथ ही मस्जिद पर सरकारी जमीन और डाकघर के कुछ कमरों के इस्तेमाल पर 6 करोड़ 41 लाख का जुर्माने लगाया था.
इसी आदेश को मस्जिद कमेटी ने जिला जज की अदालत में पहले रोक लगाने की मांग की थी. जिला जज ने 2 सितंबर को सुनवाई में मस्जिद कमेटी की अपील को खारिज कर दिया. साथ ही सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखा था. कोर्ट के फैसले के बाद मस्जिद पर 5 सितंबर को तड़के ध्वस्त कर दिया गया था.
अब मस्जिद कमेटी ने हाईकोर्ट का रुख किया है, जिसपर उसे फिलहाल राहत मिली है. अब अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को होगी, जिसमें सरकार की ओर से अपना पक्ष रखा जाएगा. इसके बाद कोर्ट मामले के सभी पहलुओं पर आगे सुनवाई करेगा.
