कनपट्टी पर बंदूक ताना, घर में घुसे, महिला से अभद्रता… छापा मारने पहुंचे दरोगा पर बड़ा आरोप

सहारनपुर में स्मैक की सूचना पर छापा मारने गई पुलिस टीम पर गंभीर आरोप लगे हैं. आरोप है कि बिना सर्च वारंट के पुलिस घर में घुस गई. बीना लेडीज पुलिस नहीं थी. इस दौरान, एक महिला को कमरे में बंद कर लिया और उसके साथ अभद्रता की. इसके बाद ग्रामीणों ने दरोगा को घेर लिया और जमकर हंगामा किया.

यूपी पुलिस

सहारनपुर में स्मैक की सूचना पर छापा मारने गई पुलिस टीम उस वक्त विवादों में घिर गई, जब गांव वालों ने पुलिसकर्मियों को घेर लिया और कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए. मामला थाना नकुड़ क्षेत्र की अंबेहटा चौकी अंतर्गत गांव घाटमपुर का है, जहां बिना महिला पुलिसकर्मी के एक घर में घुसने को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला.

चौकी इंचार्ज नीरज सात पुलिसकर्मियों के साथ यासमीन पत्नी अफसर के घर पहुंचे थे. ग्रामीणों और पीड़िता का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने यासमीन को जबरन एक कमरे में बंद कर दिया, जिससे गांव में हंगामा मच गया. घर पर भीड़ जुटती देख आसपास के लोग विरोध करने लगे. आरोप है कि पुलिस जबरन महिला को स्मैक के मामले में फंसाना चाहती थी.

पूर्व प्रधान पर पिस्टल तान कर धमकाने का आरोप

स्थिति बिगड़ती देख गांव के पूर्व प्रधान इकराम भी मौके पर पहुंचे. आरोप है कि जब उन्होंने महिला को कमरे में बंद करने का कारण पूछा तो चौकी इंचार्ज ने कथित तौर पर पिस्टल तान दी और धमकी दी. इसके बाद ग्रामीणों का विरोध और तेज हो गया और गेट खुलवाया गया. गेट खुलते ही पुलिसकर्मी कमरे से बाहर निकले.

ग्रामीणों और पूर्व प्रधान ने पुलिस से घर में घुसने और महिला को बंद करने की वजह पूछी, लेकिन आरोप है कि कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया. ग्रामीणों का कहना है कि अगर मामला महिला से जुड़ा था तो महिला पुलिसकर्मी को साथ लाना जरूरी था. बिना लेडीज पुलिस के घर में घुसकर महिला से पूछताछ करना नियमों के खिलाफ है.

पुलिस के काम में बाधा डाली और मारपीट का प्रयास

गांव वालों का आरोप है कि इसी बात को लेकर उन्होंने विरोध जताया, जिस पर पुलिस ने सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप लगाना शुरू कर दिया. वहीं पुलिस की ओर से दावा किया गया है कि स्मैक की सूचना पर कार्रवाई की जा रही थी और ग्रामीणों ने पुलिस के काम में बाधा डाली और मारपीट का प्रयास किया.

फिलहाल दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच मामला चर्चा का विषय बना हुआ है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला संवेदनशील है. सभी आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. बहरहाल, इस घटना का वीडियो वायरल खुब वायरल हो रहा है.