2000 CCTV, 3 IPS अधिकारी… 3 करोड़ की चोरी का खुलासा, पूरा परिवार निकला चोर
सहारनपुर के एक ज्वैलरी शोरूम से हुई करीब तीन करोड़ रुपये की बड़ी चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. इस खुलासे के लिए तीन IPS अधिकारियों की विशेष टीम लगाई गई थी. यूपी-उत्तराखंड के 2000 से ज्यादा CCTV कैमरों को खंगालने के बाद चोरों की पूरी फैमिली पुलिस के हत्थे चढ़ गई.
सहारनपुर के ज्वैलरी शोरूम में हुई करीब तीन करोड़ रुपये की बड़ी चोरी का खुलासा हो गया है. पुलिस ने इस मामले में तीन महिला समेत कुल पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार करते हुए भारी मात्रा में हीरे-सोने के आभूषण और नकदी बरामद की. इस खुलासे के लिए 3 IPS अधिकारी लगाए गए थे. यूपी-उत्तराखंड के 2000 हजार से ज्यादा CCTV कैमरे खंगालने के बाद चोरों की पूरी फैमिली अब पुलिस के हत्थे चढ़ गई है. पुलिस इन चोरों से पूछताछ क रही है.
23 जनवरी को ज्वौलरी शोरूम में चोरी की घटना ने सबको हिला दिया था, क्योंकि जिस स्थान पर चोरी हुई, वह इलाका जिले का हाई-प्रोफाइल और हाई-सिक्योरिटी जोन माना जाता है. शोरूम के ठीक सामने पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) का आवास व कार्यालय है, जबकि महज कुछ दूरी पर पुलिस चौकी भी है. इसके बावजूद चोरों ने दीवार काटकर शोरूम में घुसकर करोड़ों की चोरी कर लेना पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर गया था.
चौकी इंचार्ज और बीट कांस्टेबल पर गिरी थी गाज
पुलिस के अनुसार, 23 जनवरी 2026 को शोरूम के स्टोर मैनेजर अंकित मुखर्जी ने थाना सदर बाजार पर तहरीर देकर बताया था कि रात के समय अज्ञात चोर शोरूम की दीवार तोड़कर सोने, हीरे के आभूषण और नकदी चोरी कर ले गए. हाई प्रोफाइल और हाई सिक्योरिटी इलाके में हुई इस घटना ने पुलिस के इकबाल पर सवाल खड़े कर दिए थे. लापरवाही पर सिविल लाइन चौकी के इंचार्ज ओर बीट कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया था
तीन IPS अफसरों को लगाया गया था
इस घटना के खुलासे के लिए सहारनपुर के DIG अभिषेक सिंह और DIG/SSP आशीष तिवारी ने IPS स्तर के अधिकारियों को लगाया था. इसके अलावा सदर पुलिस, SOG और सर्विलांस टीम को भी खुलासे के लिए लगाया गया था. शुरुआत में ही पुलिस को कई सुराग हाथ लगे थे, जिसके बाद पुलिस की टीम चोरों की तलाश में जुट गई थी. इलेक्ट्रॉनिक ओर मैन्युअल सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया.
पूरा परिवार ही निकला चोर
पुलिस ने इरशाद उर्फ काला और उसके भाई दिलशाद के साथ-साथ उसकी मां काली, भाभी सीमा और भाभी सलमा को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, यह पूरा गिरोह चोरी के आभूषणों को दूसरे राज्यों में खपाने का काम करता था. पुलिस पूछताछ में मुख्य अभियुक्त इरशाद उर्फ काला ने खुलासा किया कि वह पहले भी करोड़ों रूपये की चोरी के मामलों में जेल जा चुका है और जेल से छूटने के बाद उसने कबाड़ी बनकर करीब एक माह तक शोरूम की रेकी की थी.
एक दिन पहले ही छत पर पहुंच गया था चोर
इरशाद ने जानबूझकर खराब मौसम वाली रात को वारदात के लिए चुना ताकि बारिश के बीच सड़क पर गतिविधियां कम रहे और वो आसानी से अपना काम करके निकल जाए. आरोपी ने बताया कि वह एक दिन पहले ही बगल की इमारत की छत के रास्ते शोरूम की छत पर पहुंच गया था, जहां उसने शराब पी-खाना खाया और वहीं रात गुजार दी. अगले दिन रात में उसने बिजली की केबल काटकर इलेक्ट्रिक कटर से छत और दरवाजे काटे, फिर दीवार काटकर शोरूम में घुसा और हीरे-सोने के आभूषण व नकदी चोरी कर ली.
2000 सीसीटीवी खंगालने के बाद पकड़ा गया चोर
सीसीटीवी से बचने के लिए उसने चेहरे पर मास्क लगाया हुआ था और बाहर निकलते समय पहचान छिपाने के लिए लंगड़ाकर चलने की एक्टिंग की. रास्ते में उसने अपने कपड़े भी बदल लिए थे. पुलिस के मुताबिक, पकड़े जाने की स्थिति में पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपी ने पहले से आर्टिफिशियल जेवरात भी खरीद रखे थे, ताकि असली चोरी के माल की जगह नकली जेवर दिखाए जा सके. पुलिस टीम ने सहारनपुर, हरिद्वार, रुड़की और देहरादून क्षेत्र के करीब दो हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर आरोपियों तक पहुंच बनाई.
चोरी हुए सामान की 100 फीसदी रिकवरी
आरोपी इरशाद पर पहले से 27 मुकदमे दर्ज हैं. इरशाद के परिजन चोरी का माल दूसरे राज्यों में खपाने के लिए उसकी मदद करते थे. आज भी वो जब चोरी के माल को खपाने के लिए जा रहे थे तो सबको दबोच लिया गया. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 100 फीसदी रिकवरी करते हुए 67 ब्रेसलेट, 17 मंगलसूत्र, 32 जोड़ी बाली, दो गले के सेट, 18 पेंडेंट, तीन चार्म्स, 90 अंगूठियां, 32 चैन, 11 चूड़ियां, 45,100 रुपये नकद और 40 पीस आर्टिफिशियल आभूषण बरामद किए हैं.
आरोपियों पर गैंगस्टर लगाने की तैयारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह एक संगठित गिरोह है और इसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है. घटना के खुलासे के लिए DIG/SSP आशीष तिवारी ने IPS सिमरन, IPS मनोज यादव, IPS व्योम बिंदल समेत SOG टीम और सर्विलांस टीम के साथ साथ सदर पुलिस की पीठ थपथपाई है. IPS सिमरन सिंह ने बताया कि उनके ट्रेनिंग पीरियड में ये पहली बड़ी घटना थी, टीम वर्क कर इस घटना का खुलासा किया है.