चौधरी परिवार की चौथी पीढ़ी की झलक! सियासी मंच पर दिखीं जयंत की बेटी साहिरा

पश्चिमी यूपी की सियासत में चौधरी परिवार की चौथी पीढ़ी की झलक रामपुर मनिहारान की स्वाभिमान रैली में दिखाई दी. RLD अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी की बेटी साहिरा चौधरी परिवार के साथ रैली के मंच पर नजर आईं. उनकी मौजूदगी के बाद चर्चा शुरू हुई कि क्या चौधरी परिवार की अगली पीढ़ी सार्वजनिक जीवन में कदम बढ़ा रही है. हालांकि, साहिरा के राजनीति में आने या RLD में जिम्मेदारी मिलने को लेकर कोई घोषणा नहीं हुई है.

बेटी साहिरा और पत्नी चारू के साथ जयंत चौधरी Image Credit:

पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सियासत में चौधरी परिवार का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है. चौधरी चरण सिंह से शुरू हुई किसान राजनीति की विरासत चौधरी अजित सिंह और फिर जयंत चौधरी तक पहुंची. अब इसी परिवार की चौथी पीढ़ी की झलक रामपुर मनिहारान की स्वाभिमान रैली में दिखाई दी. रालोद अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी की बेटी साहिरा सिंह रैली के मंच पर परिवार के साथ नजर आईं.

साहिरा की मौजूदगी ने सियासी गलियारों में एक सवाल जरूर खड़ा कर दिया कि क्या चौधरी परिवार की अगली पीढ़ी अब धीरे-धीरे सार्वजनिक जीवन में कदम बढ़ा रही है? हालांकि, अभी साहिरा के राजनीति में आने को लेकर कोई घोषणा नहीं हुई है. न ही उन्हें रालोद में कोई राजनीतिक जिम्मेदारी दी गई है. हालांकि, जिस मंच पर जयंत चौधरी अपने राजनीतिक विरोधियों को जवाब दे रहे थे, वहां उनकी बेटी की मौजूदगी ने चर्चा जरूर बटोरी.

राजनीति से पहले कला के मंच पर पहचान

साहिरा की अब तक की सार्वजनिक पहचान राजनीति से ज्यादा कला के क्षेत्र में रही है. वह प्रशिक्षित कुचिपुड़ी नृत्यांगना हैं और दिल्ली के कमानी ऑडिटोरियम में अपना ‘रंगप्रवेशम’ कर चुकी हैं. यानी चौधरी परिवार की नई पीढ़ी की सार्वजनिक पहचान की शुरुआत फिलहाल चुनावी मंच से नहीं, बल्कि शास्त्रीय कला के मंच से हुई है. खास बात यह है कि जयंत चौधरी की छोटी बेटी इलेशा सिंह भी कुचिपुड़ी नृत्य से जुड़ी हैं.

तीन पीढ़ियां सियासत में, चौथी पीढ़ी कला में

चौधरी चरण सिंह से लेकर अजित सिंह और जयंत चौधरी तक परिवार की तीन पीढ़ियां किसान राजनीति और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सियासत का बड़ा चेहरा रही हैं. चौधरी परिवार की राजनीति का आधार किसान, ग्रामीण समाज और पश्चिमी उत्तर प्रदेश रहा है. जयंत चौधरी भी इसी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं, लेकिन चौथी पीढ़ी का दौर अलग है. आज की युवा पीढ़ी के लिए सार्वजनिक पहचान सिर्फ राजनीति, भाषण और चुनाव लड़ने तक सीमित नहीं है.

रैली में परिवार की मौजूदगी ने बढ़ाई चर्चा

रामपुर मनिहारान की स्वाभिमान रैली में साहिरा की मौजूदगी उस वक्त और चर्चा में आई, जब उनकी मां चारू चौधरी ने मंच से जयंत चौधरी के समर्थन में खुलकर अपनी बात रखी. अखिलेश यादव के ‘चवन्नी से रुपया’ वाले बयान पर चारू चौधरी ने कहा कि चौधराहट में मेरा ब्याह हुआ है और मुझे अपने पति जयंत चौधरी पर गर्व है. वहीं जयंत चौधरी ने भी अखिलेश यादव पर किसानों और गन्ने के भाव के मुद्दे को लेकर पलटवार किया.

क्या राजनीति में आएंगी?

ऐसे में रैली में परिवार के तीन सदस्यों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को एक अलग तस्वीर दे दी. मंच पर जहां मौजूदा सियासत के सवाल थे, वहीं उसी मंच पर चौधरी परिवार की अगली पीढ़ी की मौजूदगी भी दिखाई दी. सवाल है कि क्या राजनीति में आएंगी साहिरा? फिलहाल इसका जवाब साफ नहीं है. साहिरा की तरफ से राजनीति में आने को लेकर कोई सार्वजनिक घोषणा नहीं हुई है. इसलिए उनकी मौजूदगी को अभी सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम में उपस्थिति माना जा रहा है.

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