हाथों में साग का प्रसाद, मन में आस्था का भाव… मां शाकंभरी के प्रकटोत्सव पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में मां शाकंभरी देवी का प्रकटोत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा है. प्राचीन मंदिर में हजारों श्रद्धालु माता के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता शाकंभरी देवी आदिशक्ति दुर्गा का रूप हैं, जिन्होंने अकाल के समय अन्न और वनस्पतियां उत्पन्न कर मानवता को जीवनदान दिया था.

मां शाकंभरी देवी का प्रकटोत्सव

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में आज मां शाकंभरी देवी का प्रकटोत्सव बड़े ही भव्य तरीके से मनाया जा रहा है. शहर के प्राचीन और सिद्ध माता शाकंभरी देवी धाम में सुबह से ही श्रद्धालुओं का रेला लगा हुआ ह. मंदिर के कपाट खुलते ही दर्शन के लिए कतार में खड़े हजारों श्रद्धालुओं ने माता के जयकारे लगाए और फूल, फल व मिष्ठान लेकर माता के दर्शन पूजन में जुट गए. इस दौरान श्रद्धालुओं ने अपने और परिवार के लोगों के लिए सुख समृद्धि की कामना की.

धार्मिक ग्रंथों और लोक मान्यताओं के अनुसार माता शाकंभरी देवी आदिशक्ति दुर्गा की ही एक रूप हैं. जब धरती पर भयंकर अकाल पड़ा तो उन्होंने मानवता की रक्षा के लिए अवतार लिया. कहा जाता है कि माता ने अपने दिव्य तेज से अन्न, साग और वनस्पतियां उत्पन्न कर भूख से त्रस्त जीवों को जीवनदान दिया था. यही वजह है कि माता के इस स्वरुप को जीवन और अन्न की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है.

देश भर से श्रद्धालु पहुंचे

मंदिर के पुजारियों का कहना है कि माता का यह स्वरुप प्रकृति, अन्न और करुणा के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है. यही वजह है कि माता का आर्शीवाद पाने के लिए कड़ाके की ठंड के बावजूद देश के अलग अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग माता के दर्शन के लिए पहुंचे. इस मौके पर माता को विशेष रूप से साग-सब्ज़ियों, फल, कंद-मूल, खीर, हलवा और शुद्ध सात्विक अन्न का भोग अर्पित किया गया. मंदिर परिसर में दिनभर चलने वाला भंडारा शुरू हो गया है, जहां पूरे दिन भक्तों को दिव्य प्रसाद मिलता रहेगा.

भक्ति में डूबा शाकंभरी क्षेत्र

श्रृंगार, हवन, मंत्रोच्चार और भजन-कीर्तन के बीच माता का दरबार भक्तिमय माहौल में डूबा रहा. यहां दूर-दराज़ से आए श्रद्धालुओं ने माता के चरणों में शीश नवाकर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की. कई श्रद्धालुओं ने माता को संकट हरने वाली और जीवन को संबल देने वाली देवी बताया. इस मौके पर लोगों ने अपने घरों में भी विभिन्न तरह के आयोजन किया और माता से कृपा बनाए रखने के लिए प्रार्थना की.