सपा के इस MLA के घर पर चलेगा बुलडोजर! प्रशासन ने चिपकाया नोटिस, जानें क्या है वजह

संभल में सपा विधायक इकबाल महमूद का अवैध मकान बुलडोजर कार्रवाई की जद में है. प्रशासन ने नोटिस चिपकाकर घर खाली करने की चेतावनी दी है. आरोप है कि यह मकान बिना अनुमति और नियमों के खिलाफ बना है. पिछले साल उनके बाग पर भी सरकारी जमीन घेरने के आरोप में बुलडोजर चला था. सात बार के विधायक पर अन्य विवादों में भी नाम आ चुका है.

सपा विधायक के घर पर चश्पा किया नोटिस Image Credit:

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के एक और नेता मुश्किल में हैं. प्रशासन ने उनके घर को अवैध बताते हुए बुलडोजर कार्रवाई की चेतावनी दी है. इस संबंध में प्रशासन ने उनके घर पर नोटिस भी चश्पा किया है. ये सपा नेता उत्तर प्रदेश के संभल में सदर विधानसभा सीट से विधायक इकबाल महमूद हैं. पिछले ही प्रशासन की टीम ने उनके बाग पर बुलडोजर चलाया था. आरोप है कि यह बाग सरकारी जमीन घेरकर लगाया गया था.

अब प्रशासन ने उनके मकान पर नोटिस चश्पा किया है. आरोप है कि विधायक ने अपने रसूख के दम पर यह मकान बिना परमिशन लिए और नियमों को ताक पर रखकर विनियमित क्षेत्र में बनाया है. प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक यह मकान किराए पर दिया गया है. इसलिए नोटिस लगाकर सभी किराएदारों को बाहर निकलने का वक्त दिया गया है. साथ ही विधायक को भी चेतावनी दी गई है कि वह खुद इस अतिक्रमण को हटा लें, अन्यथा प्रशासन द्वारा बुलडोजर चलाकर इसे गिरा दिया जाएगा.

पिछले साल हुआ था बड़ा एक्शन

सपा विधायक इकबाल महमूद के खिलाफ जिला प्रशासन ने पिछले साल बड़ी कार्रवाई की थी. इस कार्रवाई के तहत प्रशासन ने तीन बीघे जमीन पर फैले उनके बाग पर बुलडोजर चलाया था. आरोप है कि विधायक ने संभल के रायसत्ती थाना क्षेत्र के मंडलाई गांव स्थित अपने छोटे से बाग से लगती तीन बीघे सरकारी जमीन को कब्जा लिया था. पैमाइश में खुलासा होने के बाद प्रशासन ने इस जमीन को मुक्त करा लिया.

सात बार के विधायक हैं इकबाल महमूद

गौरतलब है कि सपा नेता इकबाल महमूद संभल की सदर विधानसभा सीट से सात बार के विधायक हैं. सपा की अखिलेश यादव सरकार में वह कैबिनेट मंत्री भी रहे हैं. संभल दंगों में भी उनका नाम आया था. इसके अलावा उनके ऊपर कांवड़ियों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी का भी आरोप है. यह मामला फिलहाल एमपी-एमएलए कोर्ट (सिविल जज सीनियर डिविजन) में लंबित है. आरोप है कि विधायक ने इसें शिवभक्तों और कावंड़ियों को गुंडा और अराजक तत्व कहा था.

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