शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर यौन शोषण के आरोप, नाबालिगों के बयान दर्ज; कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर यौन शोषण के गंभीर आरोप लगे हैं. आरोप है कि उनके आश्रम में नाबालिग बच्चों के साथ यौन शोषण होता है. प्रयागराज पोक्सो कोर्ट में दो नाबालिग बच्चों के बयान वीडियोग्राफी के साथ दर्ज किए गए. जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य ने कोर्ट में परिवाद दाखिल किया है.
ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ खिलाफ यौन शोषण के भी गंभीर आरोप लगे हैं. प्रयागराज की एडीजे रेप एंड पोक्सो स्पेशल कोर्ट की अदालत में शुक्रवार को मामले की सुनवाई हुई. इस दौरान आरोप लगाने वाले दोनों नाबालिगों का वीडियोग्राफी के साथ बयान दर्ज किया गया. कोर्ट ने पुलिस रिपोर्ट का भी संज्ञान लिया.
जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य और शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ कोर्ट में परिवाद दाखिल किया है. आशुतोष ब्रह्मचारी ने आरोप लगाया है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के आश्रम में नाबालिग बच्चों के साथ यौन शोषण होता है. दावा किया गया है कि इसकी सीडी भी उन्होंने अदालत को सौंपी हैं.
अविमुक्तेश्वरानंद ने बताया- सोची-समझी साजिश
प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और प्रशासन के बीच टकराव के दौरान आशुतोष ब्रह्मचारी ने इस मामले को उठाया था. उन्होंने पहले झूंसी थाना पुलिस में इसकी शिकायत की, मुकदमा न दर्ज करने पर 28 जनवरी को 173 (4) के तहत कंप्लेंट रजिस्टर करने की अर्जी दाखिल की. इसके बाद 8 फरवरी को POSCO कोर्ट में परिवाद दाखिल किया.
10 फरवरी को पिछली सुनवाई में शंकराचार्य के वकील ने लिखित जवाब दाखिल किया था. अविमुक्तेश्वरानंद ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया. साथ ही इसे ‘सोची-समझी साजिश’ बताय़ा. साथ ही उन्होंने कहा कि ‘गौ रक्षा’ की बात करने के कारण उन्हें फंसाया जा रहा है. वह अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए जांच में सहयोग को तैयार हैं.
FIR दर्ज करने न करने पर कोर्ट का फैसला सुरक्षित
वहीं, कोर्ट में वादी आशुतोष ब्रह्मचारी भी अपना बयान दर्ज करा चुके हैं. उन्होंने रूंधे गले से कहा है कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही है, इसलिए अब वह प्रयागराज छोड़कर जा रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘मुझे अदालत पर पूरा भरोसा है कि इन पीड़ित बच्चों को न्याय मिलेगा. वहीं, कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है, 20 फरवरी को FIR दर्ज करने न करने पर फैसला आएगा.