अविमुक्तेश्वरानंद की बढ़ेंगी मुश्किलें? बटुकों के मेडिकल रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की पुष्टि

बटुकों के साथ यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. मेडिकल रिपोर्ट में बटुकों के साथ जबरन यौन कृत्य किए जाने की पुष्टि हो गई है. मेडिकल परीक्षण की यह रिपोर्ट अब जांच एजेंसियों के लिए अहम साक्ष्य मानी जा रही है.

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती (फाइल फोटो)

प्रयागराज एडीजे पॉक्सो कोर्ट के निर्देश पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी के खिलाफ नाबालिग बटुकों से यौन उत्पीड़न का मुकदमा झुंसी थाने में दर्ज किया गया था. अब इस मामले में पीड़ित बटुकों की मेडिकल रिपोर्ट भी सामने आ गई हैं, जिसमें चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं.

रिपोर्ट में पीड़ित बटुकों के साथ जबरन यौन कृत्य किए जाने की पुष्टि की गई है. मेडिकल परीक्षण की यह रिपोर्ट अब जांच एजेंसियों के लिए अहम साक्ष्य मानी जा रही है. बता दें इस मामले में जगदगुरू रामभद्राचार्य के शिष्य कहे जाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी ने प्रयागराज एडीजे कोर्ट पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी पॉक्सो एक्ट के तहत केस चलाने की अर्जी दाखिल की थी.

अविमुक्तेश्वरानंद के मठ पर महिला ने लगाए ये गंभीर आरोप

इन सबके बीच स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की मुश्किलें और भी बढ़ती जा रही हैं. अब श्री विद्या मठ में कुछ समय के लिए रहने का दावा करने वाली भूमिका द्विवेदी नाम की एक महिला ने काशी के केदार घाट स्थित श्री विद्या मठ को लेकर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि मठ के भीतर आलीशान बंगले, सीक्रेट दरवाजे और तीसरे-चौथे तल पर एक स्विमिंग पूल हैं. उधर बाहरी लोगों का जाना प्रतिबंधित है.

भूमिका के आरोपों पर मठ का आया खंडन

भूमिका द्विवेदी द्विवेदी ने मठ में एक महिला के रहने का भी दावा किया है. उनका कहना है कि उक्त महिला को दीदी नाम से संबोधित किया जाता है. मठ का सारा प्रबंधन वही देखती हैं. वह खुद को शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की सखी बताती हैं.भूमिका के आरोपों पर मठ का खंडन आया है. उनका कहना है कि वाराणसी मठ में कोई छिपा हुआ कमरा, गुप्त गेट और पूल नहीं है.

षड्यंत्र किया जा रहा है- मठ के मीडिया प्रभारी

मठ और शंकराचार्य के मीडिया प्रभारी संजय पांडे ने कहा कि दीवारों पर हम रंग रोगन नहीं करा पा रहे हैं. उधर षड्यंत्र करने वाले आरोप लगा रहे हैं कि हम भव्य महल में रह रहे हैं. ऐसे लोगों पर धिक्कार है जो गेरुआ पहने हैं और षड्यंत्र कर रहे हैं. सरकार हमें डरा नहीं सकती कि कि मठ तोड़ देंगे. जिस जगह आदि गुरू शंकराचार्य ने सौंदर्य लहरी के स्तोत्र लिखे, आज उसी विद्या मठ को गिराने की बात कही जा रही है.