हेलीपैड, स्वीमिंग पूल और किला… महल जैसा है BSP MLA उमाशंकर सिंह का गांव वाला घर
उमाशंकर सिंह बलिया जिले के रसड़ा तहसील क्षेत्र के खनवर गांव के रहने वाले हैं. वह अब भी जब बलिया आते हैं तो अपने पुश्तैनी घर पर ही रुकते हैं. उमाशंकर सिंह ने अपने पुश्तैनी घर के सामने ही नया आलीशान महल जैसा आवास बनवाया है. यहां वह अपनी पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलते हैं.
बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह बुधवार यानी 25 फरवरी को इनकम टैक्स के अधिकारियों ने रेड मारा. उनके घर पर 10 घंटे तक चली रेड खत्म हो गई है. लेकिन उनके कार्यालय पर अब भी आयकर अधिकारी मौजूद हैं. आयकर अधिकारी उमाशंकर सिंह के वित्तीय लेन-देन और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की जांच की. हालांकि, इसको लेकर विभाग की तरफ से अब तक कोई अधिकारिक बयान नहीं आया है.
अब भी पुश्तैनी घर में रुकते हैं
उमाशंकर सिंह बलिया जिले के रसड़ा तहसील क्षेत्र के खनवर गांव के रहने वाले हैं. उनके पिता घूरहु सिंह, सेना के जवान रह चुके हैं. उमाशंकर आज भी जब बलिया आते हैं तो अपने पुश्तैनी घर पर ही रुकते हैं. उमाशंकर सिंह के पुश्तैनी घर के सामने एक बड़ा सा गेट लगा हुआ. यहां उन्होंने अपना नया आलीशान महल जैसा दूसरा आवास बनवाया है.

नए आवास पर हेलीपैड से लेकर स्वीमिंग पूल तक
इस घर में हेलीपैड से लेकर स्वीमिंग पूल तक है. तीन मंजिला इस घर में कार्यकाताओं से मिलने और मीटिंग करने के लिए एक बड़ा सा हाल भी है. उमाशंकर सिंह अपने लोगों और कार्यकर्ताओं के साथ यहीं बैठक करते हैं. बता दें उमाशंकर सिंह दो भाइयों में सबसे बड़े हैं.

दो भाइयों में सबसे बड़े हैं उमाशंकर सिंह
उमाशंकर सिंह के एक पुत्र और एक पुत्री हैं. पुत्री की शादी एक IAS से हुई है, जबकि पुत्र की शादी यूपी सरकार के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह के घर में हुई है. फिलहाल, उमाशंकर सिंह के बारे में चर्चा है कि वे पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे हैं. उनका इलाज अमेरिका में चल रहा है. बताया जाता है कि उन्हें कैंसर है, लेकिन अभी तक इसकी पुष्टि किसी ने नहीं की है.
कॉलेज में दाखिले के बाद छात्र राजनीति में किया था पर्दापर्ण
उमाशंकर सिंह ने अपनी प्राथमिक शिक्षा अपने गांव से ही पूरी की. फिर उच्च शिक्षा के लिए वे बलिया आए. यहां उन्होंने सतीश चंद कॉलेज में दाखिला लिया. यहीं से उमाशंकर सिंह का राजनीति में पदार्पण हुआ. वह कॉलेज की छात्र राजनीति करते हुए सतीश चंद कालेज छात्र संघ के महामंत्री बने. महामंत्री बनने के बाद ये ठेकेदारी में कूद गए और ठेकेदार बन गए.

ठेकेदारी करते हुए जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीत गए
ठेकेदारी करते हुए अपने गांव के क्षेत्र से ही जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़े और जीत गए. इसी दौरान उनकी तत्कालीन रसड़ा विधानसभा से भाजपा विधायक राम इकबाल सिंह से कुछ अनबन हो गई. वे राम इकाबाल सिंह से अलग हटकर काम करने लगे. फिर अपनी पहुंच लखनऊ तक बनाई.
2012 में रसड़ा से बसपा की टिकट पर बने विधायक
साल 2007 से 12 तक बसपा सरकार में अपनी पैठ बनाई. 2012 में रसड़ा विधानसभा से बसपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़े और जीते और तब से लेकर आज तक लगातार तीसरी बार बसपा से ही विधायक हैं. वह बसपा सुप्रीमों मायावती के भी नजदीकी माने जाते हैं. मायावती उनके यहां विभिन्न कार्यक्रमों में पहुंचती रही हैं.

उमाशंकर सिंह के पास 54 करोड़ की संपत्ति
2022 के चुनावी हलफनामे के मुताबिक, उमाशंकर सिंह के पास 54 करोड़ की संपत्ति है. उमाशंकर सिंह की पत्नी पुष्पा सिंह C. S. INFRACONSTRUCTION की मैनेजिंग डायरेक्टर है. यह कंपनी सड़क निर्माण करने वाली बड़ी कंपनियों में से एक है. इसकी शुरुआत 2002 में उमाशंकर सिंह ने की थी. बाद में पत्नी को मैनेजिंग डायरेक्टर बना दिया गया. 2024-25 में इस कंपनी ने 1 हजार करोड़ का टर्नओवर किया था.
C. S. INFRACONSTRUCTION नाम की इस कंपनी के पास आधा दर्जन से अधिक हॉट मिक्स प्लांट और क्रेशर है. कंपनी के नाम पर 250 से अधिक ट्रेलर (डंपर) के साथ ही दो पेट्रोल पंप भी है. इसके अलावा C.S. LUXURY HOTELS नाम की कंपनी में उमाशंकर की पत्नी पुष्पा सिंह के साथ ही बेटा योकेश सिंह भी डायरेक्टर है. इस कंपनी के कई होटल और रिसॉर्ट बताए जाते हैं.
