‘मंदिर अफसर नहीं, धर्माचार्य चलाएंगे’, अयोध्या ट्रस्ट में CEO नियुक्ति पर बोले स्वामी अभिमुक्तेश्वरानंद
शंकराचार्य स्वामी अभिमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बरेली में अयोध्या ट्रस्ट में CEO नियुक्ति का कड़ा विरोध किया, इसे धर्माचार्यों के अधिकार में बताया. उन्होंने अयोध्या चंदा चोरी मामले में केंद्र-राज्य सरकार की संलिप्तता का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की. साथ ही गौ रक्षा पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है.
गो रक्षा यात्रा के तहत बरेली पहुंचे शंकराचार्य स्वामी अभिमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट, चंदा विवाद और गौ रक्षा के मुद्दे पर केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखे सवाल उठाए. उन्होंने अयोध्या मंदिर ट्रस्ट में CEO नियुक्त करने के प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा कि मंदिरों का संचालन प्रशासनिक अधिकारियों के नहीं, बल्कि धर्माचार्यों के हाथ में होना चाहिए.
टीवी9 से विशेष बातचीत में शंकराचार्य ने कहा कि अयोध्या का राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है. इसकी व्यवस्था धार्मिक परंपराओं तथा संत समाज के मार्गदर्शन में संचालित होनी चाहिए. उन्होंने अयोध्या ट्रस्ट में CEO नियुक्त करने के प्रस्ताव पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब पहले से प्रशासनिक अधिकारी व्यवस्थाओं को संभाल रहे थे, तो अब अलग से CEO नियुक्त करने की आवश्यकता क्यों पड़ रही है?
धीरे-धीरे धर्माचार्यों और मूल पक्षकारों को हटाया गया
स्वामी अभिमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने साफ तौर पर कहा कि मंदिरों को मंदिरों को प्रशासनिक व्यवस्था की तरह नहीं चलाया जाना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि अयोध्या से जुड़े मामलों में धीरे-धीरे धर्माचार्यों और मूल पक्षकारों को हटाया गया और उनकी जगह अपने लोगों को बैठाया गया. उन्होंने कहा कि जिसने व्यवस्था में यह बदलाव किया, उसकी भूमिका की भी जांच होनी चाहिए.
अयोध्या चंदा चोरी मामले पर बोलते हुए गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि यह मामला केवल एक मंदिर या एक ट्रस्ट तक सीमित नहीं रहना चाहिए. उन्होंने दावा किया कि इस पूरे मामले में केंद्र सरकार और राज्य सरकार शामिल हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. केवल अयोध्या ही नहीं, बल्कि देश के सभी मंदिरों में आने वाले चंदे और उसके इस्तेमाल की जांच होनी चाहिए.
कोषाध्यक्ष जैसे मास्टरमाइंड पर कार्रवाई क्यों नहीं?
शंकराचार्य का कहना है कि श्रद्धालु अपनी आस्था से दान देते हैं, इसलिए यह पूरी तरह पारदर्शी होना चाहिए कि चंदे का पैसा कहां और कैसे खर्च किया जा रहा है. उन्होंने मांग की कि सभी मंदिरों के चंदे की जांच कर रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए. साथ ही जनता को यह भी बताया जाना चाहिए कि अयोध्या चंदा मामले में कितनी राशि का मामला है और अब तक क्या कार्रवाई हुई है?
उन्होंने कहा कि केवल छोटे स्तर पर कार्रवाई करके मामले को खत्म नहीं माना जा सकता. साथ ही बड़ा हमला बोलते कहा कि चंदा चोरी मामले में केंद्र और राज्य सरकार शामिल है, यह भी कहा कि आठ लोगों को जेल भेजने से कुछ नहीं होता चंपत राय कोषाध्यक्ष जैसे तमाम मास्टरमाइंड पर कार्रवाई क्यों नहीं?
खुद तलवार लेकर स्लॉटर हाउस तक जाएंगे- शंकराचार्य
गौ रक्षा को लेकर भी उन्होंने सरकार को चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि सरकार के पास 24 जुलाई तक का समय है. अगर तय समय तक उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वह आंदोलन को और तेज करेंगे. उन्होंने कहा कि 24 जुलाई के बाद वह खुद उन स्थानों पर जाएंगे जहां गौ वध होता है. अभिमुक्तेश्वरानंद ने यह भी कहा कि वह खुद तलवार लेकर स्लॉटर हाउस तक जाएंगे और गौ रक्षा के लिए आंदोलन करेंगे.
