6 साल बाद मिला इंसाफ! प्रयागराज में बच्ची से दरिंदगी के बाद हत्या के दोषी को फांसी की सजा

प्रयागराज की पॉक्सो कोर्ट ने 4 साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के जघन्य मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. कोर्ट ने दोषी को फांसी की सजा सुनाया है. साथ ही पीड़ित परिवार को 2 लाख रुपये मुआवजे का भी आदेश दिया. घटना 12 जून 2020 की है, जब दरिंदे ने बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था.

सांकेतिक तस्वीर

प्रयागराज की विशेष पोक्सो अदालत ने चार साल की मासूम बच्ची से दुष्कर्म और उसकी हत्या के सनसनीखेज मामले में दोषी को फांसी की सजा सुनाई है. अदालत ने आदेश में कहा कि दोषी को तब तक फांसी पर लटकाया जाए, जब तक उसकी मृत्यु न हो जाए. वहीं, कोर्ट के इस फैसले से पीड़ित परिवार को बड़ी राहत और करीब 6 साल बाद इंसाफ मिला है.

प्रयागराज पोक्सो कोर्ट के न्यायाधीश विनोद कुमार चौरसिया ने 4 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या, दोनों मामलों में मौत की सजा सुनाई. साथ ही दोषी पर दोनों धाराओं में 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया. इसके अलावा अदालत ने पीड़ित बच्ची के परिवार को 10 दिनों के भीतर 2 लाख रुपये मुआवजा दिए जाने का भी आदेश दिया है.

13 जून 2020 को पिता ने कराया था FIR

अभियोजन पक्ष के अनुसार, 12 जून 2020 को आरोपी गगन कुमार 4 वर्षीय बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था. इसके बाद उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और उसकी हत्या कर दी. घटना के अगले दिन, 13 जून 2020 को पीड़िता के पिता ने हंडिया थाने में मुकदमा दर्ज कराया था. पुलिस ने मामले में 2 जुलाई 2020 को आरोप पत्र दाखिल किया था.

22 जून 2026 को अदालत ने दोषी माना

वहीं, 10 नवंबर 2021 को अदालत ने आरोपी के खिलाफ आरोप तय किए थे. मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 13 गवाह पेश किए गए. 22 जून 2026 को अदालत ने आरोपी गगन कुमार को दोषी करार दिया था और अंतिम सुनवाई के बाद अब न्यायाधीश विनोद कुमार चौरसिया ने गगन कुमार को फांसी की सजा सुनाई है.

अत्यंत जघन्य और अमानवीय- जस्टिस विनोद

जस्टिस विनोद कुमार चौरसिया ने सोमवार को सुनवाई के दौरान मामले को अत्यंत जघन्य और अमानवीय करार दिया. अदालत ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार के वीभत्स अपराधों में समाज के भीतर कड़ा संदेश देना आवश्यक है. अभियुक्त को सजा दिलाने के लिए एडीजीसी विनय तिवारी, प्रभारी निरीक्षक हंडिया अनूप सरोज समेत कई लोगों ने प्रभावी पैरवी की.

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