‘दम है तो हराकर दिखाओ…’ BJP विधायक का विरोधियों को खुला चैलेंज, पहले भी विवादों में रहे MLA अनिल सिंह
उन्नाव के पुरवा विधायक अनिल सिंह ने विरोधियों को 'दम है तो हराओ' का खुला चैलेंज दिया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में गरमाहट बढ़ी है. उन्होंने जातिगत राजनीति पर भी टिप्पणी की. यह पहली बार नहीं है जब विधायक अनिल सिंह अपने विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में आए हैं.
उत्तर प्रदेश के उन्नाव में पुरवा विधानसभा सीट से विधायक अनिल सिंह एक बार फिर अपने बयान की वजह से सुर्खियों में हैं. उन्होंने एक कार्यकर्ता सम्मेलन में अपने विरोधियों को खुला चैलेंज किया. कहा कि दम है तो हराकर दिखाओ, अन्यथा बाद में कोई जातिगत रोना मत रोना. बीजेपी विधायक अनिल सिंह ने मंच से अपने विरोधियों पर जमकर हमला बोला. कहा कि उन्हें किसी तरह के विरोध से डर नहीं है, जिसमें जितना दम है, खुलकर विरोध कर सकता है.
उन्होंने कहा कि उनकी पकड़ जनता में है और जनता उन्हें फिर से चुनाव जीता रही है. ऐसे में कोई भी विरोधी जितना चाहें जोर लगा ले और उन्हें हरा सके तो हरा ले. उन्होंने अपना चैलेंज दोहराते हुए कहा कि कोई उन्हें अगर चुनाव में हरा नहीं पाए तो बाद में ना रोए कि ‘भैया हम ठाकुर, पंडित या लोधी’ हैं और हमें परेशान किया जा रहा है. क्योंकि इससे कुछ होना जाना नहीं है. बीजेपी विधायक के इस दबदबे वाले बयान और खुले चैलेंज के बाद राजनीतिक गलियारों में माहौल गरमा गया है.
कायम रहेगा दबदबा!
बीजेपी विधायक अनिल सिंह यहीं नहीं रूके, उन्होंने कहा कि पुरवा विधानसभा में सिर्फ और सिर्फ अनिल सिंह का दबदबा है. यह दबदबा आगे भी रहेगा, हमेशा रहेगा. उन्होंने कहा कि कुछ लोग उनके राजनीतिक प्रभाव को कम करने के लिए जी जान से जुटे हैं. तमाम साजिशें रची जा रही हैं, लेकिन उन्हें पता नहीं है कि अनिल सिंह किसी साजिश से नहीं, बल्कि जनता के समर्थन से चुने जाते हैं. उनकी पकड़ जनता के बीच इतनी मजबूत है कि यहां विरोधियों की दाल गलने वाली नहीं है.
पहले दे चुके हैं विवादित बयान
विधायक अनिल सिंह कोई पहली बार विवादित बयान नहीं दे रहे, बल्कि वह पहले भी कई बार अपने बयानों की वजह से सुर्खियों में रहे हैं. साल 2022 में भी उनका एक वीडियो सोशल मीडिया में काफी वायरल हुआ था. इस वीडियो में वह अपने आने पर खड़े नहीं होने वाले अधिकारियों को हड़का रहे हैं. इस बयान पर माहौल काफी गर्म हुआ था. बीजेपी विधायक अनिल सिंह के राजनीतिक सफर की शुरूआत बीएसपी से हुई. साल 2017 में वह मोदी लहर के बावजूद बीएसपी के टिकट पर चुनाव जीत कर विधानसभा पहुंचे थे. हालांकि साल 2022 के चुनावों से ठीक पहले उन्होंने बीजेपी का दामन थाम लिया था.
