सहारनपुर के BDS छात्र का ISIS से लिंक, ATS ने मुरादाबाद से दबोचा; ऐसे फैला रहा था नेटवर्क
सहारनपुर के एक BDS छात्र को ATS ने गिरफ्तार किया है. वह ISIS के ऑनलाइन आतंकी मॉड्यूल से जुड़ा हुआ था. उसके तार विदेशों तक फैले हैं. जांच में पता चला है कि वह सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए युवाओं को आतंकी संगठन से जोड़ रहा था. यूपी ATS उसके नेटवर्क की जांच कर रही है.
यूपी एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) को बड़ी कामयाबी मिली है. ATS ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन ISIS के ऑनलाइन मॉड्यूल से जुड़े एक युवक को गिरफ्तार किया गया है. आरोपी सहारनपुर का रहने वाला है और बीडीएस सेकेंड ईयर का छात्र है. वह सोशल मीडिया और इनक्रिप्टेड एप्स के जरिए लोगों को आतंकी संगठन से जोड़ने का काम कर रहा था.
देवबंद ATS फील्ड यूनिट ने आरोपी को (15 मार्च) मुरादाबाद से दबोचा है. उसकी पहचान हारिश अली पुत्र रियासत अली, निवासी मोहल्ला मानक मऊ, सहारनपुर के रुप में हुई है. पूछताछ में खुलासा हुआ कि उसने ‘अल अत्तिहाद मीडिया फाउंडेशन’ ग्रुपु भी बनाया था. इसके जरीए वह ISIS के मीडिया चैनलों और प्रोपेगेंडा सामग्री को साझा करता था.
पाकिस्तान और विदेशी ISIS हैंडलरों से मिले तार
जांच में सामने आया कि हारिश ISIS की आतंकी जिहादी विचारधारा से प्रभावित था और शरिया कानून के तहत खिलाफत व्यवस्था स्थापित करने की मंशा रखता था. भारत मे ISIS के झंडे तले बड़ी आतंकी कार्यवाहियों को अंजाम देने के षड्यंत्र रच रहा था. आरोपी का नेटवर्क भारत के साथ-साथ पाकिस्तान और विदेश के अन्य ISIS हैंडलरों से जुड़े मिले हैं.
आरोपी भारत में ISIS के आतंकी मंसूबो को पूरा करने के लिए न्यूज़ चैनल अल-नाबा और उसकी प्रोपेगेंडा मैगजीन दबिक़ का अनुसरण करता था. हारिस ने बताया कि वह लोकतांत्रिक व्यवस्था को नहीं मानता है और शरिया कानून लागू कर खिलाफत व्यवस्था, जो ISIS का एक मात्र उद्देश्य है, को जंग-ए-जेहाद कर स्थापित करना चाहता था.
फिदायीन हमले के लिए युवाओं को करता था प्रेरित
ATS की जांच में पता चला है कि आरोपी ISIS के मंसूबे को पूरा करने के लिए ग्रुप्स में जुड़े लोगों को फिदायीन हमले
करने के लिए प्रेरित करता था. खुफिया जानकारी जांच पड़ताल के बाद ATS पुलिस स्टेशन, लखनऊ में आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 148, 152 और 61(2) और UAPA अधिनियम की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है.