लखनऊ में UP कांग्रेस चीफ अजय राय हाउस अरेस्ट, मृत शिक्षामित्र के परिवार से जा रहे थे मिलने

लखनऊ में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया है. उनको PGI आवास पर नजरबंद किया गया है. कांग्रेस नेता मृतक शिक्षामित्र अखिलेश कुमार सविता के परिजनों से मिलने फतेहपुर रहे थे. वहीं, कांग्रेस ने पुलिस की कार्रवाई को विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास बताया है.

यूपी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय (फाइल फोटो)

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को पुलिस ने रविवार को लखनऊ में हाउस अरेस्ट कर लिया है. कांग्रेस नेता कांग्रेस नेता मृतक शिक्षामित्र अखिलेश कुमार सविता के परिजनों से मिलने फतेहपुर रहे थे. पुलिस ने उनको PGI आवास पर नजरबंद किया गया है. वहीं, कांग्रेस ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाया, इसे विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास करार दिया है.

कांग्रेस नेता अजय राय सीतापुर रोड के पास लाइनमैन परशुराम रावत के परिवार से मिलकर लौट ही थे कि पुलिस ने उनकी आवाजाही सीमित कर दी. उन्हें मृतक शिक्षामित्र अखिलेश कुमार सविता के परिजनों मिलने जाते समय रोका गया और उनके PGI आवास पर नजरबंद कर दिया गया हैं. कांग्रेस नेता के आवास के बाहर पीएसी तैनात की गई है.

क्या संवेदना जताना भी अब अपराध है?- कांग्रेस

यूपी कांग्रेस ने अजय राय को हाउस अरेस्ट करने की कार्रवाई पर सवाल उठाया है. यूपी कांग्रेस ने एक्स पर लिखा, यूपी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष को मृतक शिक्षामित्र अखिलेश कुमार सविता के परिजनों से मिलने जाने से पहले ही लखनऊ में हाउस अरेस्ट कर दिया गया. क्या संवेदना जताना भी अब अपराध है? विपक्षी नेता से आखिर सरकार को इतनी असहजता क्यों है?

एक्स पोस्ट में लिखा है, ‘प्रशासन ने होली और रमज़ान का हवाला दिया, बीजेपी सरकार के इस कदम से साफ दिखता है कि संवेदना से ज्यादा उन्हें अपनी छवि की चिंता है, क्योंकि जब अजय कुमार राय जी जैसे नेता को पीड़ित परिवार से मिलने से रोका जाता है तो यह कानून व्यवस्था नहीं, बल्कि सवालों से डरती हुई राजनीति की तस्वीर बन जाती है.’

SIR का दबाव, बेटी की शादी में छुट्टी न देना कारण- अखिलेश

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शिक्षामित्र (BLO) अखिलेश कुमार सविता के आत्महत्या को लेकर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘ ‘एसआईआर-2026 जीवनमुक्ति’ के शीर्षक से आत्महत्या की चिट्ठी लिखकर अखिलेश कुमार सविता ने शनिवार शाम को सरकारी प्राथमिक विद्यालय के एक कमरे में ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली’

उन्होंने कहा कि, ‘कारण स्पष्ट रूप से SIR का अत्यधिक दबाव और बेटी की शादी में छुट्टी न देना था. दिन-रात के चौबीसों घंटे के दबाव के अलावा उप्र में BLO पर गलत काम करने का दबाव भी है. उन्होंने लिखा, ‘भाजपा जैसी नकारात्मक ताक़तें अंतहीन नहीं होती हैं, इतिहास में ऐसे अनेक उदाहरण हैं जब खलनायक बन चुकी सत्ताओं का घोर पतन दुनिया ने देखा है.’