Puch AI से 25,000 करोड़ की डील रद्द, भारी विरोध के बीच यूपी सरकार का बड़ा फैसला

उत्तर प्रदेश सरकार ने Puch AI के साथ विवादित MoU कैंसिल कर दिया है. कंपनी के कम रेवेन्यू और वित्तीय अक्षमता को लेकर सवाल उठाए गए थे. 25,000 करोड़ की यह डील अब रद्द कर दी गई है. इन्वेस्टर से SOP के मुताबिक ज़रूरी डिटेल्स देने को कहा गया था, लेकिन वह समय पर नहीं दे पाया.

यूपी सरकार ने Puch AI के साथ MoU रद्द किया

उत्तर प्रदेश सरकार ने गुरुवार को Puch AI के साथ विवादित MoU को रद्द कर दिया है. साइन किए गए MoU के रिव्यू के बाद, इन्वेस्टर द्वारा ज़रूरी विवरण न दे पाने और नेट वर्थ की कमी के कारण यह निर्णय लिया गया. इससे पहले MoU को लेकर विवाद खड़ा हो गया था. टेक एक्सपर्ट्स ने छोटी कंपनी के साथ 25,000 करोड़ की डील पर सवाल उठाए थे.

यूपी सरकार ने AI पार्क, डेटा सेंटर और AI यूनिवर्सिटी बनाने के लिए Puch AI के साथ ₹25,000 करोड़ का MoU किया था. इसके तुरंत बाद टेक एक्सपर्ट्स से लेकर विपक्ष तक कंपनी के कम रेवेन्यू और छोटे ट्रैक रिकॉर्ड को लेकर सवाल उठाए. कहना था कि PuchAI महज एक साल पुरानी कंपनी है. इसका सालाना रेवेन्यू सिर्फ 50 लाख रुपये है.

कंपनी के पास भरोसेमंद फाइनेंशियल लिंकेज की कमी

वहीं, अब यूपी सरकार ने विवादों के बीच Puch AI के साथ MoU को रद्द यू-टर्न ले लिया है. यूपी सरकार ने Puch AI के साथ साइन किए गए MoU का रिव्यू किया गया. इन्वेस्टर से SOP के हिसाब से ज़रूरी डिटेल्स मांगी गईं, लेकिन वे समय पर नहीं दे पाए. ड्यू डिलिजेंस से पता चला कि प्रोजेक्ट के स्केल के हिसाब से नेट वर्थ और भरोसेमंद फाइनेंशियल लिंकेज की कमी है.

Invest UP के जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, ‘MoU को गवर्नेंस में ट्रांसपेरेंसी और सबसे ऊंचे लेवल की ईमानदारी के हित में कैंसल किया गया है, जो उत्तर प्रदेश सरकार के मूल में हैं.’ इससे पहले विवाद गहराने पर सीएम योगी ने साफ किया था कि यह समझौता गैर-बाध्यकारी (Non-binding) है और आगे की कार्यवाही पूरी जांच-परख के बाद ही की जाएगी.

AI से ही ‘पूछ’ के बारे में पूछ लिया होता- अखिलेश यादव

Puch AI के साथ MOU की खबर ने टेक वर्ल्ड से लेकर राजनीतिक गलियारों तक हलचल मचा दी थी. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा था कि यह AI की कंपनी 2025 में बनी है और 2026 में आकर उसने 25,000 करोड़ रुपये का MOU साइन कर लिया. साथ ही तंज सकते कहा, ‘MoU करने से पहले से AI से ही ‘पूछ’ के बारे में पूछ लिया होता.’

उन्होंने एक्स पर पोस्ट में लिखा, ‘घूसखोर व ख़ुदगर्ज़ लोगों से बचना चाहिए जो अनभिज्ञता या अज्ञान का दुरुपयोग करते हैं. इससे आपकी AI मतलब ले-दे के बनाई गई ‘कृत्रिम छवि’ पर भी बहुत ख़राब प्रभाव पड़ता है, इन भ्रष्ट कांडों के उजागर होने से अच्छे, सच्चे और ईमानदार निवेशक हतोत्साहित भी होते हैं, और प्रदेश में निवेश करने से विमुख भी होते हैं.’

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