‘आईना जब भी उठाया करो…’, अखिलेश के ‘महा विद्युत आपदा’ पर ऊर्जा मंत्री एके शर्मा का पलटवार
यूपी के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने बताया सपा शासनकाल की 13000 MW पीक डिमांड के मुकाबले आज यह 30000 MW है. उपभोक्ताओं की संख्या लगभग दोगुनी हुई है और तापीय उत्पादन भी 9120 MW तक पहुंचा है. मंत्री ने कहा कि बिजली की मांग बढ़ने से थोड़ी बहुत दिक्कत है लेकिन हम उसको सुधारने की कोशिश कर रहे हैं.
यूपी के भीषण गर्मी के बीच बिजल कटौती से जहां एक तरह लोग परेशान हैं. वहीं, दूसरी ओर विपक्ष भी इसको मुद्दा बनाकर लगातार हमलावर है. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तो इसे ‘महा विद्युत आपदा’ करार देते हुए सरकार पर निशाना साधा. वहीं, अब यूपी के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने सपा प्रमुख के बयान पर तीखा पटलवार किया है.
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने निशाना साधते हुए कहा, ‘आज कल सपा के मुखिया को यूपी की बिजली व्यवस्था बहुत कमज़ोर दिख रही है. उनसे कहना चाहूंगा कि आईना जब भी उठाया करो, पहले खुद देखो फिर दिखाया करो.’ उन्होंने बताया कि सपा शासनकाल अंत में 2012-17 में 13000 MW पीक डिमांड के मुकाबले आज यह 30000 MW है.
‘बबूल तो आपने लगाए, हम तो उन्हें नष्ट कर रहे’
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इसे बिजली कटौती को ‘महा विद्युत आपदा’ करार दिया था. उन्होंने कहा कि इसके लिए बीजेपी सरकार, बिजली मंत्री और भ्रष्ट ठेकेदार जिम्मेदार हैं. यहां तक की उन्होंने स्मार्ट मीटर योजना को भी महाभ्रष्टाचार बताया. वहीं, इसपर एके शर्मा ने कहा कि बबूल तो आपने लगाए हैं. हम तो उन्हें समूल नष्ट कर रहे हैं.
ऊर्जा मंत्री ने एक्स पोस्ट पर लिखा कि आज यूपी चार वर्षों से देश में सबसे ज़्यादा पीक विद्युत आपूर्ति करने वाला प्रदेश बना है. जो पहले निचले पायदान पर होता था. 2017 की अपेक्षा लगभग दो गुने से ज़्यादा उपभोक्ताओं को आज बिजली दी जा रही हैय आपके समय के 1.80 करोड़ के सापेक्ष आज 3.70 उपभोक्ता हैं. ख़ुद का उत्पादन भी 9120 MW तक पहुंचा.
मेजा में 2400, मिर्जापुर में 1600 MW परियोजना मंजूर
एके शर्मा ने आगे कहा कि सपा के समय 2022 में यह 5820 MW था. आज लगभग दोगुना 9120 MW तक पहुंच गया है. हम इसे तीन गुना करने की दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं. हमारे प्रस्ताव पर मेजा में 3×800 MW (38358 करोड़ की लागत में) और मिर्जापुर में 2×800 MW की नई तापीय ऊर्जा परियोजना के लिए सरकार की ओर से मंज़ूरी दे दिया गया है.
उन्होंने साथ ही कहा कि बिजली की मांग बढ़ने से थोड़ी बहुत दिक्कत है लेकिन हम उसको सुधारने की कोशिश कर रहे हैं. कुछ स्थानों पर दैविये आपदा आने के कारण विद्युत आपूर्ति बबाधित हुई. कुछ कर्मचारी भी ऐसे हैं जो उपभोक्ताओं की सुनवाई नहीं करते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. हमने कॉल सेंटर 1912 की लाइन भी बढ़ाई है.
