फर्जी मेडिकल फर्म, फेक बिल और बांग्लादेश तक सप्लाई; ऐसे खुला दुबई से चल रहे 100 करोड़ की नशीली कफ सिरप सिंडिकेट पूरा खेल

100 करोड़ रुपये के नशीली कफ सिरप सिंडिकेड मामले में यूपी एसटीएफ ने गैंग के फ्रंटमैन अमित सिंह टाटा को गिरफ्तार किया है. पूछताछ में अमित टाटा ने कबूला है कि उसने इस धंधे में 5 लाख रुपये लगाए और अब तक 28-30 लाख रुपये कमा चुका है.

नशीली कफ सिरप सिंडिकेड में अमित टाटा गिरफ्तार Image Credit:

यूपी STF ने कोडीन मिक्स वाली नशीली कफ सिरप ‘फेंसिडिल’ की देशव्यापी तस्करी करने वाले अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के अहम सदस्य को लखनऊ से गिरफ्तार किया है. गोमती नगर के ग्वारी चौराहे के पास से पकड़ा गया. कहा जा रहा है कि आरोपी अमित कुमार सिंह उर्फ अमित टाटा दुबई फरार मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल का करीबी पार्टनर और फ्रंटमैन है.

STF ने आरोपी के पास से फॉर्च्यूनर कार, दो मोबाइल फोन, 4500 रुपये नकद, आधार कार्ड और कई अहम डिजिटल सबूत बरामद किए हैं. पूछताछ में अमित टाटा ने कबूल किया कि उसने इस धंधे में 5 लाख रुपये लगाए और अब तक 28-30 लाख रुपये कमा चुका है.

दुबई से वीडियो कॉल पर चल रहा था पूरा खेल

जांच में पता चला है कि सिंडिकेट का किंगपिन शुभम जायसवाल रांची और गाजियाबाद में हुई गिरफ्तारियों के बाद पूरे परिवार और पार्टनर्स के साथ दुबई भाग गया. वहां से वीडियो कॉल और सुरक्षित ऐप्स के जरिए पूरे नेटवर्क को कंट्रोल कर रहा है. अमित टाटा को उसने लखनऊ में नेटवर्क को फिर से सक्रिय करने की जिम्मेदारी दी थी.

फर्जी फर्मों के जरिए 100 करोड़ से ज्यादा का कारोबार

जनवरी 2024 में झारखंड के धनबाद में अमित टाटा के नाम पर ‘देवकृपा मेडिकल एजेंसी’ खोली गई. कागजों पर मालिक अमित था, लेकिन असल संचालन शुभम जायसवाल और उसके लोग करते थे. वाराणसी में भी ‘श्री मेडिकल’ नाम से ड्रग लाइसेंस लेकर फेंसिडिल का व्यापार किया गया. एबॉट कंपनी से 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की फेंसिडिल खरीदी गई. फर्जी बिल, ई-वे बिल बनाकर अधिकांश खेप पश्चिम बंगाल भेजी जाती थी. फिर वहां से बांग्लादेश और नेपाल पहुंचाई जाती थी. आरोपी ने खुलासा किया कि इस खेल में दवा कंपनी के कुछ अधिकारी भी शामिल हैं.

पहले भी दर्ज हैं मुकदमे, पिता भी रहे आरोपी

अमित टाटा के खिलाफ लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी थाने में कफ सिरप तस्करी का मुकदमा दर्ज है. वाराणसी कोतवाली में उसके पिता अशोक कुमार सिंह और उनकी फर्म के खिलाफ भी FIR है. अमित टाटा ने कबूला कि आजमगढ़ निवासी विकास सिंह के जरिए उसकी मुलाकात शुभम जायसवाल से हुई थी. ज्यादा मुनाफे के लालच में उसने अवैध धंधे में कदम रख दिया. कमाया हुआ पैसा वह अपनी पत्नी के खाते में जमा कराता था.

अब ये कदम उठाने जा रही यूपी एसटीएफ

STF अब शुभम जायसवाल की दुबई लोकेशन ट्रेस करने, उसके बैंक खातों को फ्रीज करने और बाकी साथियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है. साथ ही दवा कंपनी के उन अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है जो इस सिंडिकेट को सप्लाई दे रहे थे. लखनऊ समेत पूरे उत्तर प्रदेश में नशीली कफ सिरप की कालाबाजारी पर STF की यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है.

Follow Us