योगी सरकार का बड़ा फैसला: अब 5000 रुपये में कमर्शियल प्रॉपर्टी की गिफ्ट डीड

यूपी में कमर्शियल प्रॉपर्टी की गिफ्ट डीड पर सर्किल रेट के अनुसार 7% तक स्टांप ड्यूटी देना होता था. अब सरकार ने इसको लेकर बड़ा फैसला किया है. परिवार के सदस्यों के बीच कमर्शियल प्रॉपर्टी की गिफ्ट डीड मात्र 5000 रुपये की स्टांप ड्यूटी पर दर्ज की जा सकेगी. माना जा रहा है इससे व्यापारियों और उद्यमियों को बड़ा फायदा होगा.

कॉमर्शियल प्रॉपर्टी के गिफ्ट डीड को लेकर बड़ा फैसला Image Credit:

योगी सरकार ने संपत्ति हस्तांतरण को लेकर बड़ा फैसला किया है. अब परिवार के सदस्यों के बीच व्यावसायिक (कमर्शियल) और औद्योगिक संपत्ति की गिफ्ट डीड मात्र 5000 रुपये की स्टांप ड्यूटी पर दर्ज की जा सकेगी. यह सुविधा पहले केवल आवासीय और कृषि भूमि पर उपलब्ध थी, लेकिन अब इसे कमर्शियल प्रॉपर्टी तक विस्तार करने का प्रस्ताव कैबिनेट में रखा गया. इसे योगी कैबिनेट ने आज यानी 6 जनवरी को पास कर दिया है.

मंत्री रविंद्र जायसवाल ने बताया कि योगी सरकार का उद्देश्य परिवारों में संपत्ति हस्तांतरण को आसान बनाना और मुकदमेबाजी को कम करना है. पहले कमर्शियल प्रॉपर्टी की गिफ्ट डीड पर सर्किल रेट के अनुसार 7% तक स्टांप ड्यूटी लगती थी. इसका मतलब हुआ कि अगर एक करोड़ की संपत्ति है तो उस पर 7 लाख रुपये की स्टांप ड्यूटी लगती है. अब यह फ्लैट 5000 रुपये निर्धारित होने से व्यापारियों और उद्यमियों को बड़ा फायदा होगा.

पहले इन प्रॉपर्टी पर मिल रही थी छूट

योगी सरकार ने 2022 में परिवारिक संपत्ति हस्तांतरण पर कई राहतें दी हैं. 2023 में रक्त संबंधियों के बीच गिफ्ट डीड, बंटवारा और फैमिली सेटलमेंट पर स्टांप ड्यूटी को 5000 रुपये फिक्स किया गया था. 2024-25 में पैतृक संपत्ति बंटवारे पर भी यही नियम लागू हुआ. इससे लाखों परिवारों के विवाद सुलझे. अब कमर्शियल प्रॉपर्टी को शामिल करने से उत्तर प्रदेश का रियल एस्टेट सेक्टर और मजबूत होगा. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे अवैध हस्तांतरण रुकेंगे, रजिस्ट्री बढ़ेगी और सरकारी राजस्व में भी वृद्धि होगी.

कौन कर सकता है गिफ्ट डीड

यह सुविधा पति-पत्नी, माता-पिता, पुत्र-पुत्री, भाई-बहन, दामाद-बहू आदि रक्त संबंधियों के लिए उपलब्ध होगी. हालांकि, गिफ्ट प्राप्त संपत्ति को 5 वर्ष के अंदर फिर गिफ्ट करने पर यह छूट नहीं मिलेगी. दस्तावेजों में परिवार रजिस्टर की कॉपी या तहसील प्रमाणपत्र जरूरी होगा ताकि दावों की जांच हो सके.

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